फरीदाबाद स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू गवर्नमेंट कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. रुचिरा खुल्लर को हरियाणा सरकार के उच्च शिक्षा विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई कॉलेज में सामने आई वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोपों के बाद की गई है। विभागीय आदेश के अनुसार निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, डॉ. खुल्लर पर छात्रों की अनुपस्थिति पर जुर्माना लगाकर उससे वसूली करने और उस राशि को कॉलेज के खाते में जमा न कराने के आरोप हैं। इसके अलावा कॉलेज में आयोजित कार्यक्रमों के नाम पर बाहरी संस्थाओं से प्राप्त धन के दुरुपयोग की भी बात सामने आई है।
इस मामले में पूर्व एनएसयूआई नेता और वर्तमान में इंडियन यूथ कांग्रेस हरियाणा के प्रदेश महासचिव कृष्ण अत्री ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि डॉ. खुल्लर के खिलाफ विभागीय जांच के साथ-साथ हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी और विजिलेंस जांच में भी अनियमितताओं की पुष्टि हुई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक हिंदी कार्यक्रम में खाने की प्लेट का वास्तविक खर्च 120 रुपये था, जबकि बिल में इसे 200 रुपये प्रति प्लेट दिखाया गया। वहीं एक निजी कंपनी द्वारा कार्यक्रम के लिए दिए गए 50 हजार रुपये से अधिक की राशि को भी कथित रूप से निजी उपयोग में खर्च करने का आरोप है।
बताया जा रहा है कि यह पहली बार नहीं है जब डॉ. खुल्लर पर कार्रवाई हुई है। करीब डेढ़ वर्ष पहले भी उन्हें चार महीने के लिए निलंबित किया गया था, जिसके बाद उन्हें बहाल कर दिया गया था। अब दोबारा हुई इस कार्रवाई ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
राज्यपाल की ओर से जारी आदेश के अनुसार, निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय गवर्नमेंट कॉलेज फॉर विमेन के प्रिंसिपल कार्यालय में रहेगा और बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने की इजाजत नहीं होगी। उच्च शिक्षा विभाग ने मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
