रिपोर्ट अजय वर्मा। फरीदाबाद, 28 जनवरी, 2026: फोर्टिस एस्कॉर्ट्स फरीदाबाद ने आज अपनी तरह की अनूठी पहल करते हुए, फरीदाबाद शहर के लिए पहली समर्पित 24×7 स्ट्रोक हेल्पलाइन शुरू की है, जिसके साथ-साथ चौबीसों घंटे कार्यरत स्ट्रोक क्लीनिक तथा स्पेश्यलाइज़्ड स्ट्रोक एंबुलेंस सर्विस भी लॉन्च की गई है। यह पहल, स्ट्रोक की शुरूआत और मरीज को उपचार मिलने के बीच का समय कम करने के मकसद से की गई है।
फरीदाबाद शहर की संजीवनी स्ट्रोक हेल्पलाइन (96677 11771) एक्सपर्ट मेडिकल गाइडेंस, तत्काल हॉस्पिटल के साथ तालमेल और एंबुलेंस उपलब्ध कराने की कार्रवाई शुरू करती है, ताकि स्ट्रोक के लक्षणों को अनुभव करने के तुरंत बाद ही मरीजों को बिना किसी देरी के स्पेश्यलाइज़्ड केयर मिल सके। स्ट्रोक मैनेजमेंट के मामले में कहा जाता है, “टाइम इज़ ब्रेन”, यानि स्ट्रोक के मरीजों को बचाने के लिए समय पर चिकित्सकीय उपचार मिलने पर उनके बचने की संभावना बेहतर होती है और उन्हें दीर्घकालिक विकलांगता से भी बचाया जा सकता है।
यह पहल, इमरजेंसी स्ट्रोक केयर के क्षेत्र में मौजूदा कमियों को दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण है, जो कि अक्सर जानकारी के अभाव, रिस्पॉन्स सिस्टम्स के बीच परस्पर तालमेल न होने और स्ट्रोक-रेडी अस्पतालों तक मरीज को पहुंचाने में देरी की वजह से पैदा होती हैं। फोर्टिस एस्कॉर्ट्स फरीदाबाद ने एक समर्पित स्ट्रोक हेल्पलाइन और एंबुलेंस सपोर्ट को एकजुट किया है ताकि स्ट्रोक मरीजों के मामले में तत्काल फैसले लिए जा सकें, उन्हें जल्द से जल्द ट्रांसफर किया जा सके और एडवांस स्ट्रोक ट्रीटमेंट मिल सके – वो भी गोल्डन आवर के दौरान, जो कि मरीज को बचाने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होता है।
इस लॉन्च के बारे में, डॉ विनीत बांगा, डायरेक्टर – न्यूरोलॉजी, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल फरीदबाद ने कहा, “भारत में, लगभग 60% स्ट्रोक मरीज समय पर अस्पताल भी नहीं पहुंच पाते, और लगभग 10% ही होते हैं जिन्हें स्ट्रोक-रेडी सेंटर में पहुंचाया जाता है। इस देरी की वजह से बेशकीमती जिंदगियां नष्ट हो जाती हैं या उनकी दीर्घकालिक जीवन की गुणवत्ता प्रभावित होती है। संजीवनी को इसी दूरी को कम करने के मकसद से लॉन्च किया गया है जो लोगों को स्ट्रोक के शुरुआती लक्षणों की पहचान करने के लिए BE-FAST एप्रोच को समझने में मदद करती है, जिसमें संतुलन की समस्या, दिखायी देने में परेशानी होना, चेहरे का लटकना, बाजुओं में कमजोरी महसूस होना, और बोलने में हकलाहट या दिक्कत महसूस होना शामिल है। संभावित स्ट्रोक की पहचान होने के बाद, यह सिस्टम नजदीकी स्ट्रोक-रेडी हॉस्पीटल से कॉलर को कनेक्ट करता है, एंबुलेंस की व्यवस्था करता है और एडवांस में ही डॉक्टरों को अलर्ट करता है, ताकि मरीज के अस्पताल पहुंचते ही उपचार शुरू हो सके।
डॉ कमल वर्मा, डायरेक्टर, न्यूरोसर्जरी, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल फरीदाबाद ने कहा, “स्ट्रोक केयर में, टाइम इज़ ब्रेन काफी महत्वपूर्ण संदेश है, क्योंकि मेडिकल सहायता में देरी होने पर ब्रेन को परिवर्तनीय नुकसान पहुंच सकता है और दीर्घकालिक विकलांगता भी पैदा हो सकती है। इसलिए किसी स्पेश्यलाइज़्ड सेंटर में तुरंत और समय पर उपचार मिलना, सटीक डायग्नॉसिस तथा तत्काल सहायता, जिसमें आवश्यकतानुसार न्यूरोलॉजिकल सपोर्ट शामिल है, मरीज की हालत में काफी बदलाव ला सकती है। हमारा समर्पित स्ट्रोक क्लीनिक, एंबुलेंस और हेल्पलाइन नंबर इसी दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है जो यह सुनिश्चित करेगा कि स्ट्रोक मरीजों को बिना कोई समय गंवाए, गोल्डन आवर के भीतर केयर मिले। इस पहल से मरीजों की स्थिति में निश्चित रूप से सुधार होगा क्योंकि पहले ही संपर्क के साथ समन्वित, मल्ट्री-डिसीप्लीनरी स्ट्रोक मैनेजमेंट केयर की शुरूआत हो जाती है।”
डॉ अभिषेक शर्मा, फैसिलिटी डायरेक्टर, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, फरीदाबाद ने कहा, “स्ट्रोक सही मायने में ऐसी मेडिकल इमरजेंसी है जिसमें एक-एक मिनट काफी महत्वपूर्ण होता है और यह जिंदगी तथा विकलांगता एवं मौत के बीच दूरी ला सकता है। दुर्भाग्यवश, किसी समर्पित और भरोसेमंद स्ट्रोक हेल्पलाइन के न होने और साथ ही, 24/7 एंबुलेंस सर्विस के उपलब्ध नहीं होने से अक्सर उपचार में देरी हो जाती है। अब स्ट्रोक मरीजों के लिए इन समर्पित सेवाओं को उपलब्ध कराते हुए, हमारा मकसद इन कमियों को दूर करना है ताकि मरीजों एवं उनके परिजनों को तत्काल एक्सपर्ट गाइडेंस और तुरंत मेडिकल सपोर्ट मिल सके।
वीडियो।https://youtu.be/NbGAWQEOtRA?si=-zZWAlSji1LADqLR
