Close Menu
  • BREAKING NEWS
  • NATIONAL NEWS
    • Delhi NCR
    • UP NEWS
    • NOIDA
    • GOA
    • Uttrakhand
    • HIMACHAL
    • RAJASTHAN
  • HARYANA NEWS
    • GURUGRAM
    • CHANDIGARH
    • FARIDABAD
    • PALWAL
      • MEWAT
  • ENTERTAINMENT NEWS
  • MORE TOPICS
    • Health & Fitness
    • SPORTS
  • Video
Facebook X (Twitter) Instagram
Saturday, April 18
Facebook X (Twitter) Instagram
Today Express News
  • BREAKING NEWS
  • NATIONAL NEWS
    • Delhi NCR
    • UP NEWS
    • NOIDA
    • GOA
    • Uttrakhand
    • HIMACHAL
    • RAJASTHAN
  • HARYANA NEWS
    • GURUGRAM
    • CHANDIGARH
    • FARIDABAD
    • PALWAL
      • MEWAT
  • ENTERTAINMENT NEWS
  • MORE TOPICS
    • Health & Fitness
    • SPORTS
  • Video
Today Express News
Home » भारत में फिनटेक क्रांति को बढ़ावा दे रहे हैं विभिन्‍न रुझान

भारत में फिनटेक क्रांति को बढ़ावा दे रहे हैं विभिन्‍न रुझान

vishal rajputBy vishal rajput23/02/2022No Comments4 Mins Read

टुडे एक्सप्रेस न्यूज़ । अजय वर्मा । भारतीय बाजार में फिनटेक (फाइनेंशियल टेक्‍नोलॉजी) का विकास हाल के दिनों में ज्‍यादा देखने को मिला है। 2008 के संकट के बाद इसमें लोकप्रियता दर्ज की गई, जब बिटकॉइन के जरिए ब्लॉकचेन तकनीक सामने आई। भारत में लंबे समय तक वित्तीय बाजार की पहुंच बहुत अधिक गहरी नहीं रही है क्योंकि वित्तीय साधनों तक पहुंच के मामले में असमानता में इजाफा हो रहा है। समाज के एक बड़े हिस्से की बैकिंग सेवाओं तक पहुंच नहीं है, ऐसे में यहां अवसरों की आपार संभावनाएं हैं, जिसे अब कॉरपोरेट्स और सरकारें समान रूप से महसूस कर रहे हैं।

बाजार में आर्थिक रूप से पिछड़ी कंपनियों पर इस नए फोकस ने वित्त उद्योग में नवाचार की लहर शुरू कर दी है। आइए, भारतीय फिनटेक की लहर पर सवार कुछ क्रांतिकारी रुझानों पर नजर डालते हैं।श्री नारायण गंगाधर, सीईओ, एंजेल वन लिमिटेड

सरकारी पहलें
फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के सहयोग से बॉस्टन कंसल्टिंग ग्रुप द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार भारतीय फिनटेक क्षेत्र के 2025 तक 150 अरब डॉलर तक बढ़ने की उम्मीद है।

ईवाई के ग्लोबल एडॉप्शन इंडेक्स 2019 के मुताबिक ऐसा होने के पीछे की मुख्य वजहों में ऐतिहासिक रूप से इस क्षेत्र की कम पहुंच और वैश्विक स्तर पर 87% की दर के साथ दुनिया में दूसरी सबसे अधिक फिनटेक को अपनाए जाने की दर है।

इस तरह के विघटनकारी या क्रांतिकारी बदलाव लाने वाले परिवर्तन को सक्षम करने में सरकार के हस्तक्षेप ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। स्टार्ट-अप इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसे कारकों ने आरबीआई के मार्गदर्शन में नवाचारों की सैंडबॉक्सिंग (विशेष पहल के लिए लक्षित कार्य) को प्रोत्साहित किया है। भारत सरकार ने इनफिनिटी नामक फिनटेक पर अपने विचार नेतृत्व मंच के माध्यम से एक बयान भी जारी किया, जो सुरक्षा पर केंद्रित था।

क्रांति की रुझान वाली विशेषताएं
भारत में ग्राहक आधार की मजबूती के साथ-साथ उत्पाद-बाजार ने फिनटेक में नवाचारों को बढ़ावा दिया है। महामारी ने नकद रहित भुगतान के नेतृत्व में डिजिटलीकरण की स्वीकार्यता को बढ़ाया है। लेन-देन में आसानी ने ग्राहकों के व्यवहार को बदल दिया है ताकि सभी आयु वर्ग अब स्वेच्छा से डिजिटल मोड का विकल्प चुन सकें। लेकिन अधिक मांग के साथ अधिक महत्वपूर्ण चुनौतियां आती हैं। इसलिए, आवश्यकता वास्तव में व्यापक सुपर ऐप को विकसित करने की है जो सभी वित्तीय सेवाओं को एक ही स्‍थान पर लाने में कारगर हो।

भारतीय फिनटेक क्षेत्र में विदेशी निवेश एक पहचान बना रहा है क्योंकि विकासशील देशों के बीच अत्यधिक प्रतिस्पर्धा है। जैसे-जैसे औद्योगिक क्रांति 4.0 और वेब 3.0 तकनीक-प्रेमी भारतीयों के जरिए आगे बढ़ती है, लक्षित दर्शकों का विस्तार 2030 तक लगभग 160 मिलियन मध्यम और उच्च आय वाले परिवारों तक हो जाएगा। इसके साथ ही सामान्य लेंडिंग (ॠण देना), निवेश और बीमा डिजिटल उत्पादों से सेवाओं का विस्तार होगा और इसमें वित्त, पी2पी और डीएओ भी जुड़ जाएंगे।

एक वर्चुअल पारिस्थितिकी तंत्र इस खेल का वास्तविक अंतिम लक्ष्य है, जो एक बार सभी हितधारकों के पारिस्थितिकी तंत्र का हिस्सा बनने के बाद हासिल किया जाएगा। ब्लॉकचेन के माध्यम से कराधान और सार्वजनिक खर्च पारदर्शी होगा और खामियों में कमी आएगी। वर्तमान केंद्रीकृत वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र कई कमियों के बावजूद एक सदी से अधिक समय से मौजूद है, जिस पर अब सभी सही कारणों से सवाल उठाए जा रहे हैं। इंटेलिजेंट रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन के मामले में अब विकसित की जा रही प्रणालियां लागत-कुशल हैं और पारिस्थितिकी तंत्र के सकारात्मक नेटवर्क प्रभावों के माध्यम से धीरे-धीरे व्यापक भी होती जा रही हैं। बिग डेटा एनालिटिक्स डी2सी और कई अलग-अलग मॉडलों के लिए व्यक्तिगत समाधान पेश करने में प्रगति कर रहा है।

सारांश
भारतीय फिनटेक का ध्यान वर्तमान में एसएमई को डिजिटल ॠण देने, धन तकनीक, बीमा और इसी तरह के डिजिटल उत्पादों की प्रगति पर टिका है। लेकिन भारतीय जनसांख्यिकी के सामने परिदृश्य में अंतर है, जो मौजूदा थोक के बावजूद कई और स्टार्ट-अप की मांग करता है। यहां तक कि बड़ी टेक कंपनियां भी डिजिटल लहर की सवारी करने के लिए फिनटेक के इस क्षेत्र में कूद पड़ी हैं।

मानव पूंजी पर ताकतवर कंप्यूटिंग शक्ति, स्मार्टफोन तक पहुंच और सस्ते इंटरनेट का कब्जा हो रहा है। नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के माध्यम से डिजिटल वित्तीय प्रणाली को विनियमित करने के लिए भारत सरकार की एक और अवधारणा है। ये वृहद, तकनीकी और ग्राहक-संचालित घटक साथ मिलकर भारतीय बाजार को एक नया आकार देंगे।श्री नारायण गंगाधर, सीईओ, एंजेल वन लिमिटेड

Share. WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Email
vishal rajput
  • Website

Related Posts

होली है! सैमसंग ने AI-पावर्ड होम अप्लायंसेज़ पर रंगों भरी बचत, कैशबैक और आसान फाइनेंस ऑफर्स की घोषणा की

05/03/2026

डीजीपी ओपी सिंह ने अल फलाह यूनिवर्सिटी का किया दौरा

18/11/2025

प्रधानमंत्री ने टोयोटा कौशल्य प्रशिक्षु को डीजीटी परीक्षा में राष्ट्रीय टॉपर के रूप में सम्मानित किया

09/10/2025
Leave A Reply Cancel Reply

Channel
Advertisement

Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

News

  • World
  • US Politics
  • EU Politics
  • Business
  • Opinions
  • Connections
  • Science

Company

  • Information
  • Advertising
  • Classified Ads
  • Contact Info
  • Do Not Sell Data
  • GDPR Policy
  • Media Kits

Services

  • Subscriptions
  • Customer Support
  • Bulk Packages
  • Newsletters
  • Sponsored News
  • Work With Us

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2026 ThemeSphere. Designed by CSG.
  • Privacy Policy
  • Terms
  • Accessibility

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.