गुर्जर आर्ट एंड कल्चर ट्रस्ट ने आज अपने मुख्य ट्रस्टी दिवाकर बिधूड़ी की अगुवाई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में 2025 के भव्य गुर्जर महोत्सव की रूपरेखा और ट्रस्ट के विज़न को विस्तार से रखा। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रस्ट के प्रवक्ता प्रेम कृष्ण आर्य पप्पी नेअपने शांत, स्पष्ट और दृढ़ व्यवहार के साथ पूरे कार्यक्रम का नेतृत्व करते दिखाई दिए। उन्होंने जिस आत्मविश्वास और गरिमा के साथ समाज की सांस्कृतिक धरोहर की चर्चा की, उसने पूरी ट्रस्ट टीम को प्रभावित किया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए एडवोकेट राजेश खटाना ने कहा कि गुर्जर आर्ट एंड कल्चर ट्रस्ट सिर्फ एक संगठन नहीं, बल्कि हमारी प्राचीन और गौरवशाली विरासत को पुनर्जीवित करने का आंदोलन है। हमारी लोककला, लोककथाएँ, इतिहास, महापुरुषों का योगदान और परंपराएँ — ये सब विश्व स्तर पर सम्मान पाने के योग्य हैं, और ट्रस्ट इसी दिशा में कार्यरत है।उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ना और समाज में फैली कुरीतियों को दूर करना ट्रस्ट का समान रूप से महत्वपूर्ण उद्देश्य है।चौधरी ने बताया कि इस वर्ष का महोत्सव और भी विस्तृत, भव्य और नवाचार से भरपूर होगा।
इस बार आर्ट एंड क्राफ्ट मेला विशेष थीम के रूप में रखा गया है, ताकि गुर्जर समुदाय की कला और शिल्प की विविधता को बड़े मंच पर प्रदर्शित किया जा सके।उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस बार महोत्सव में 5 नए बड़े आयोजन शामिल किए जा रहे हैं, जिनका खुलासा सिर्फ वहां उपस्थित दर्शकों को ही मिलेगा।सुंदर चौधरी ने ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे प्रमुख कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि महोत्सव के बाद इन गतिविधियों की संख्या और बढ़ाई जाएगी,गुर्जर महोत्सव कला, संस्कृति और इतिहास का सबसे बड़ा मंच होगा,लोक कलाकारों, इतिहासकारों और शिल्पकारों को राष्ट्रीय मंच मिलेगा .
युवाओं में सांस्कृतिक जागरूकता का विस्तार होगा।साथ ही गुर्जर महापुरुषों के योगदान का प्रचार होगा। पारंपरिक ‘गुर्जरी थाली’ का प्रसार ,सकरात, तीज जैसे पारंपरिक पर्वों का आयोजन,नारी प्रतिभा सम्मान,क्रांति चक्र अवॉर्ड 1857 के शहीदों व स्वतंत्रता सेनानी परिवारों का सम्मान,सेमिनार, वर्कशॉप, परिचर्चा, सांस्कृतिक यात्राएँ,गुर्जर संवाद बुद्धिजीवियों व व्यवसायिक चेहरों से चर्चा भजन मंच और गुर्जरी फैशन शो,होली गुर्जर गायन कार्यक्रम। प्रेस ब्रीफिंग में आर्य ने जोर देकर कहा कि गुर्जर महोत्सव एक सांस्कृतिक आंदोलन है, जहाँ समाज का हर वर्ग अपनी परंपराओं का जश्न मनाने के लिए एकजुट होगा। उन्होंने कहा कि संस्कृति ही समाज की आत्मा होती है, और यदि हम अपनी जड़ों से जुड़े रहेंगे तो आने वाली पीढ़ियाँ और भी सशक्त होंगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रस्ट चेयरमैन एडवोकेट दिवाकर बिधूड़ी , राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेमकृष्ण आर्य,तथा समाज के प्रमुख ज्ञानेन्द्र अवाना और एडवोकेट राजेश खटाना , वी पी नागर, रणदीप चौहान, अंकित पीलवान जी भी उपस्थित रहे। अंत मे आम जन से आह्वान करते हुए कहा गुर्जर महोत्सव 2025 सिर्फ देखने का नहीं, अनुभव करने का कार्यक्रम है। यह हमारी पहचान, गौरव और संस्कृति का महासंगम है। हर गुर्जर, हर भारतीय को इसमें शामिल होकर अपनी विरासत को महसूस करना चाहिए।
टुडे एक्सप्रेस न्यूज़ / रिपोर्ट अजय वर्मा / 9953753769
