TodayExpressNews / अंबाला के एक उत्तरी हरियाणा बिजली वितरण निगम के खिलाफ मामले में सुनवाई करते हुए हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने उत्तरी बिजली वितरण निगम को ₹100000 जुर्माना उपभोक्ता को देने का आदेश किया इस मामले में उपभोक्ता के मीटर आंखों से देखने पर मीटर में किसी प्रकार का दोष नहीं दिखा तो बिजली निगम द्वारा चोरी के शक में मीटर को उतारकर लेबोरेटरी से जांच के लिए भेजा गया था विभाग के अनुसार उनके विभाग की प्रयोगशाला में मीटर में कुछ तकनीकी खामी पाई गई परन्तु गुप्ता द्वारा किसी अन्य स्वतंत्र प्रयोगशाला में जांच कराने की मांग को खारिज कर दिया गया बिजली अधिकारियों द्वारा उपभोक्ता के लोड को अधिक में कर ₹38306 का जुर्माना लगाया गया। अधिकारियों द्वारा उपभोक्ता के लोड असेसमेंट जितनी की गई थी उसका 91% उपभोक्ता अपने बिलों में पहले ही भुगतान कर चुका था उपभोक्ता ने बिजली विभाग के नियमों का हवाला देते हुए बताया कि यदि 75% से अधिक भुगतान किया गया हो तो चोरी का मामला नहीं बन सकता परंतु उपभोक्ता की इस दलील को बिजली विभाग द्वारा नहीं माना गया और उस पर से जुर्माने की पूर्ण राशि वसूल कर ली गई । मामले को गंभीरता से लेते हुए हरियाणा मानव अधिकार आयोग चेयरमैन पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस श्री एस के मित्तल एवम् माननीय सदस्य श्री दीप भाटिया ने कहा की पानी, बिजली आदि सुविधाएं एक मानव के लिए मूलभूत सुविधाएं होती है तथा इन्हे देने में कोताही या दखलअंदाजी मानव अधिकारों का सीधा सीधा हनन है।
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