फरीदाबाद के लघु सचिवालय में अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) अंजलि श्रोत्रिया की अध्यक्षता में जिला एन-कोर्ड (NCORD) कमेटी की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले में नशा उन्मूलन के लिए तैयार डिस्ट्रिक्ट एक्शन प्लान की समीक्षा की गई। साथ ही विभिन्न विभागों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। एडीसी ने कहा कि सभी विभाग तय लक्ष्यों के अनुसार कार्य करें और नियमित मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित करें।
समाज की भी है जिम्मेदारी
एडीसी अंजलि श्रोत्रिया ने कहा कि नशा उन्मूलन केवल प्रशासन का काम नहीं है। इसके लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों, औद्योगिक इकाइयों और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए, ताकि युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा सके।
पुलिस को सख्त कार्रवाई के निर्देश
बैठक में पुलिस विभाग को अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी, भंडारण और बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। संवेदनशील और सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
नशा मुक्ति केंद्र होंगे मजबूत
एडीसी ने स्वास्थ्य विभाग को नशा मुक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशा छोड़ने के इच्छुक लोगों को बेहतर परामर्श, उपचार और पुनर्वास की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
पुनर्वास और स्किल डेवलपमेंट पर फोकस
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य केवल नशे पर नियंत्रण करना नहीं है। प्रभावित लोगों को काउंसलिंग, पुनर्वास और स्किल डेवलपमेंट के माध्यम से समाज की मुख्यधारा में वापस लाना भी प्राथमिकता है।
बैठक के अंत में एडीसी ने सभी विभागों को समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए सभी विभागों को समन्वय और संवेदनशीलता के साथ कार्य करना होगा।
बैठक में एसडीएम डॉ. हनी बंसल, सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा, पुलिस विभाग के अधिकारी और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
