- बेंगलुरु में किए गए हाई-स्पीड एरियल डिलीवरी ट्रायल्स ने ट्रांजिट समय को एक घंटे से घटाकर कुछ ही मिनटों में कर दिया
टुडे एक्सप्रेस न्यूज़ | 22 अप्रैल 2026: फेडरल एक्सप्रेस कॉर्पोरेशन (FedEx), दुनिया की सबसे बड़ी एक्सप्रेस ट्रांसपोर्टेशन कंपनी, और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मद्रास (आईआईटी मद्रास) ने बेंगलुरु में भारत की पहली इंट्रा–सिटी ड्रोन डिलीवरी फ्लाइट ट्रायल्स सफलतापूर्वक पूरे किए।
ये ट्रायल्स शहरी लॉजिस्टिक्स के विकास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव हैं और भारत में अगली पीढ़ी की टेक्नोलॉजी-आधारित सप्लाई चेन को आगे बढ़ाने के FedEx के संकल्प को मजबूत करते हैं।
इन ट्रायल्स ने एक मिड-माइल एरियल लॉजिस्टिक्स सर्विस को वैलिडेट किया, जो इलेक्ट्रॉनिक सिटी फेज़ II को बैंगलोर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के पास स्थित साइट से जोड़ती है। FedEx SMART सेंटर, आईआईटी मद्रास के रिसर्च फ्रेमवर्क के तहत किए गए इस इनिशिएटिव में जटिल शहरी एयरस्पेस में हाई-स्पीड ड्रोन ऑपरेशन्स का परीक्षण किया गया और यह आंका गया कि कैसे ये नेटवर्क एफिशिएंसी को बढ़ा सकते हैं और भीड़भाड़ वाली सड़क संरचना पर निर्भरता को कम कर सकते हैं। ये ट्रायल्स FedEx के वैश्विक प्रयासों का हिस्सा हैं, जिनका उद्देश्य भविष्य के लिए इनोवेटिव, सुरक्षित और स्केलेबल लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशन्स की संभावनाओं को तलाशना है।
इस सफल ट्रायल पर टिप्पणी करते हुए, FedEx के वाइस प्रेसिडेंट (मार्केटिंग, कस्टमर एक्सपीरियंस और एयर नेटवर्क – MEISA), नितिन नवनीत तातिवाला ने कहा, “इनोवेशन, FedEx के लिए वैश्विक व्यापार को सक्षम बनाने का मूल है। यह उपलब्धि FedEx SMART सेंटर के व्यापक रिसर्च एजेंडा को दर्शाती है, जिसमें एयर कार्गो ऑप्टिमाइजेशन, इलेक्ट्रिक व्हीकल इंटीग्रेशन और एडवांस्ड डिमांड फोरकास्टिंग शामिल हैं। इन सभी प्रयासों का लक्ष्य अकादमिक जगत, उद्योग और नीति-निर्माताओं के साथ साझेदारी में भविष्य-तैयार, मजबूत और टिकाऊ सप्लाई चेन इकोसिस्टम का निर्माण करना है।”
एरियल कॉरिडोर के विस्तृत विश्लेषण के माध्यम से, आईआईटी मद्रास FedEx SMART सेंटर ने यह स्थापित किया कि 53 किलोमीटर की सड़क यात्रा, जिसमें सामान्यतः 60 मिनट से अधिक समय लगता है, को लगभग 39–42 किलोमीटर के एरियल रूट से बदला जा सकता है। ट्रायल्स के दौरान, इस बदलाव से एकतरफा ट्रांजिट समय घटकर लगभग 21 मिनट रह गया – जिससे समय-सम्बंधी लॉजिस्टिक्स में बड़े पैमाने पर सुधार की संभावना साबित हुई। फ्लाइट पाथ में एयरपोर्ट येलो और रेड ज़ोन से होकर समन्वित नेविगेशन शामिल था, जिसके लिए डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) से सभी आवश्यक अनुमतियाँ प्राप्त की गईं।
भारत के लिए इस सफल ट्रायल के तकनीकी महत्व को विस्तार से बताते हुए, FedEx SMART सेंटर, आईआईटी मद्रास के कोर फैकल्टी सदस्य प्रो. सत्यनारायण आर. चक्रवर्ती ने कहा, “ये ट्रायल्स हमारे मिशन में एक बड़ी छलांग हैं, जिसका उद्देश्य टिकाऊ और प्रगतिशील सप्लाई चेन मॉडल बनाना है। एडवांस्ड एरियल रोबोटिक्स को शहरी लॉजिस्टिक्स में शामिल करके हम केवल सैद्धांतिक शोध तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि यह साबित कर रहे हैं कि हाई-इम्पैक्ट, भविष्य-तैयार समाधान वास्तव में वैश्विक लॉजिस्टिक्स परिदृश्य को नया रूप दे सकते हैं।”
भारतीय लॉजिस्टिक्स पर इसके दीर्घकालिक प्रभाव को रेखांकित करते हुए, FedEx SMART सेंटर, आईआईटी मद्रास की प्रोफेसर-इन-चार्ज प्रो. अर्शिंदर कौर ने कहा, “हाई-स्पीड ड्रोन-डिलीवरी ट्रायल्स, आधुनिक सप्लाई चेन में इनोवेशन को आगे बढ़ाने और अत्याधुनिक तकनीकों को तेज़ी से अपनाने के प्रति सेंटर की प्रतिबद्धता का सशक्त प्रदर्शन हैं।”
