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    Home » MG Motor इंडिया और पीपीजी एशियन पेंट्स द्वारा लॉन्‍च की गई तकनीक CO2 का सालाना उत्‍सर्जन 1500 टन कम करेगी

    MG Motor इंडिया और पीपीजी एशियन पेंट्स द्वारा लॉन्‍च की गई तकनीक CO2 का सालाना उत्‍सर्जन 1500 टन कम करेगी

    vishal rajputBy vishal rajput09/03/2022Updated:09/03/2022No Comments4 Mins Read

    टुडे एक्सप्रेस न्यूज़ । अजय वर्मा 09 मार्च, 2022: एमजी मोटर इंडिया ने स्‍थायित्‍व की दिशा में एक और कदम बढ़ाया है। कंपनी हाल ही में अल्‍ट्राक्‍स डिग्रीज़र का इस्‍तेमाल करने वाली विश्‍व की पहली ऑटोमोटिव ब्राण्‍ड बन गई है, जोकि पीपीजी एशियन पेंट्स द्वारा विकसित एक तरल क्षारीय डिग्रीज़िंग क्‍लीनर है। इस डिग्रीज़िग प्री-ट्रीटमेंट केमिकल का लॉन्‍च होना स्‍थायित्‍वपूर्ण परिवहन को ज्‍यादा हरित बनाने पर ब्राण्‍ड के फोकस के बिल्‍कुल अनुरूप है। इससे CO2 का सालाना उत्‍सर्जन 787 टन कम होगा।

    एमजी मोटर इंडिया अल्‍ट्राक्‍स डिग्रीज़र के अलावा लो-टेम्‍परेचर फॉस्‍फेट (वर्साबॉन्‍ड) और हाई थ्रो लो क्‍योर कैथोडिक इले‍क्‍ट्रो कोटिंग पेंट से भी ऊर्जा का संरक्षण करती है, जिनसे CO2 का सालाना उत्‍सर्जन क्रमश: 325 टन और 388 टन कम होता है। यह नई तकनीकें CO2 के सालाना संचयी उत्‍सर्जन को 1500 टन कम करने में कंपनी को सहयोग देंगी।
    एमजी मोटर इंडिया में विनिर्माण के निदेशक श्री रवि मित्‍तल ने कहा, “ #ChangeWhatYouCan कैम्‍पेन के माध्‍यम से एमजी मोटर इंडिया ऐसे नवाचार लाने पर ध्‍यान दे रहा है जिससे पर्यावरण और समाज के लिये सकारात्‍मक बदलाव लाए जा सकें। पीपीजी एशियन पेंट्स के अल्‍ट्राक्‍स और वर्साबॉन्‍ड ने पीटीसीईडी लाइन की प्री-ट्रीटमेंट प्रोसेस में तापमान कम करने में हमारी मदद की है, जिससे ऊर्जा के उल्‍लेखनीय संरक्षण में योगदान मिला है। इससे हमारे परिचालन की क्षमता भी बढ़ी है और कुल मिलाकर हमारा खर्च कम हुआ है। CO2 को उल्‍लेखनीय ढंग से कम करने में हमारी सहायता के लिये हम पीपीजी एशियन पेंट्स के शुक्रगुजार हैं।”

    पीपीजी एशियन पेंट्स के मुख्‍य परिचालन अधिकारी अनुराग सहाय ने कहा, “हम अल्‍ट्राक्‍स एलटी8620 के लॉन्‍च से उत्‍साहित हैं। हमें एमजी को समाधान प्रदान करते हुए खुशी हो रही है और हमने ज्‍यादा स्‍थायित्‍वपूर्ण तकनीकों पर मिलकर काम करने का लक्ष्‍य तय किया है। एमजी मोटर इंडिया के साथ भागीदारी ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्‍वपूर्ण कदम है और हम इस ब्राण्‍ड की स्‍थायित्‍व के लिये पहल का हिस्‍सा बनकर बहुत खुश हैं।”
    एमजी मोटर इंडिया हमेशा पर्यावरण को सकारात्‍मक रूप से प्रभावित करने के तरीके खोजता रहता है। इसने हाल ही में हलोल में स्थित अपने विनिर्माण केन्‍द्र में परिचालन के लिये 4.85 मेगावाट पवन-सौर विद्युत के उपयोग हेतु क्‍लीनमैक्‍स के साथ भागीदारी की थी, जिससे 15 वर्षों में 2 लाख मेट्रिक टन कार्बन डाइऑक्‍साइड का इस्‍तेमाल नहीं होगा। कंपनी ने ड्राय कार वाशिंग को बढ़ावा देने के लिये अपनी सबसे नई पहल एनवायरो वाश की घोषणा भी की है और लोगों को हर महीने 14 लाख लीटर तक पानी बचाने के लिये प्रोत्‍साहित कर रही है। ईवी के लिये एमजी मोटर ने एटेरो के साथ भागीदारी की है, ताकि भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की लिथियम-आयन बैटरीज का दोबारा उपयोग एवं पुन:चक्रण हो सके। टीईएस-एएमएम के साथ कंपनी का गठजोड़ भी देश में ईवी बैटरीज का पर्यावरण के लिये स्‍थायी और सुरक्षित पुन:चक्रण सुनिश्चित करता है।

    एमजी मोटर इंडिया के विषय में
    साल 1924 में यूके में संस्‍थापित मोरिस गैराजेस के वाहन स्‍पोर्ट्स कार्स, रोडस्‍टर्स और कैब्रियोलेट सीरीज के लिये विश्‍व-प्रसिद्ध थे। अपनी स्‍टाइलिंग, सुंदरता और उत्‍साही प्रदर्शन के कारण एमजी के वाहन कई सेलीब्रिटीज की पसंद थे, जैसे ब्रिटिश प्रधानमंत्री और ब्रिटिश राज परिवार भी। यूके के एबिंगडन में साल 1930 में स्‍थापित एमजी कार क्‍लब के हजारों वफादार प्रशंसक हैं, जो इसे कार के एक ब्राण्‍ड के लिये विश्‍व के सबसे बड़े क्‍लबों में से एक बनाते हैं। विगत 96 वर्षों में एमजी एक आधुनिक, भविष्‍यगामी और अभिनव ब्राण्‍ड के तौर पर विकसित हुआ है। हलोल, गुजरात में स्थित उसकी अत्‍याधुनिक विनिर्माण सुविधा 80,000 वाहनों के वार्षिक उत्‍पादन की क्षमता रखती है और वहाँ लगभग 2500 लोग काम करते हैं। सीएएसई (कनेक्‍टेड, ऑटोनॉमस, शेयर्ड और इलेक्ट्रिक) परिवहन के अपने सपने के आधार पर यह तेजतर्रार कारमेकर आज ऑटोमोबाइल सेगमेंट में विभिन्‍न ‘अनुभवों’ को शामिल कर चुका है। इसने भारत में कई ‘पहलों’ की पेशकश की है, जैसे भारत की पहली इंटरनेट एसयूवी- एमजी हेक्‍टर, भारत की पहली प्‍योर इलेक्ट्रिक इंटरनेट एसयूवी- एमजी जेडएस ईवी, भारत की पहली ऑटोनॉमस (लेवल 1) प्रीमियम एसयूवी- एमजी ग्‍लॉस्‍टर और पर्सनल एआई असिस्‍टेन्‍ट एवं ऑटोनॉमस (लेवल 2) टेक्‍नोलॉजी वाली भारत की पहली एसयूवी- एमजी एस्‍टर।

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