मैड्रिड: स्पेन के उत्तरी अफ्रीका में स्थित स्वायत्त शहर सेउटा (Ceuta) की सीमा पर गुरुवार को बड़ा प्रवासी संकट देखने को मिला। मोरक्को से हजारों प्रवासियों ने समुद्र और सीमा चौकियों के रास्ते स्पेन में प्रवेश करने की कोशिश की। इस दौरान मची अफरा-तफरी में कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए।
स्थानीय मीडिया और अधिकारियों के अनुसार, बड़ी संख्या में प्रवासी समुद्र के रास्ते तैरकर सेउटा पहुंचे, जबकि कई लोगों ने सीमा पर लगे बैरिकेड और सुरक्षा अवरोधों को पार करने का प्रयास किया। हालात इतने तेजी से बिगड़े कि स्थानीय प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा बलों की मांग की।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्पेन सरकार ने अतिरिक्त पुलिस बल और सैन्य जवानों की तैनाती की है। अधिकारियों के अनुसार, एक ही दिन में लगभग 2,000 से 3,000 प्रवासी सेउटा में प्रवेश कर गए। इस कारण शरण केंद्रों पर दबाव बढ़ गया और कई स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करनी पड़ी।
स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज़ और गृह मंत्री ने हालात की समीक्षा के लिए सेउटा का दौरा करने की घोषणा की है। वहीं स्पेन और मोरक्को के अधिकारियों के बीच सीमा सुरक्षा और प्रवासियों की वापसी को लेकर समन्वय जारी है।
सेउटा और मेलिला स्पेन के दो ऐसे स्वायत्त क्षेत्र हैं जो उत्तरी अफ्रीका में मोरक्को की सीमा से लगे हुए हैं। बेहतर आर्थिक अवसरों और यूरोप पहुंचने की उम्मीद में बड़ी संख्या में प्रवासी इन सीमाओं के जरिए स्पेन में प्रवेश करने की कोशिश करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ताजा घटना ने एक बार फिर यूरोप में अवैध प्रवासन और सीमा सुरक्षा को लेकर बहस तेज कर दी है।
स्रोत: Reuters, Associated Press (AP), The Guardian, Times of India.
