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    जि़प इलेक्ट्रिक ने 73 मिलियन डिलीवरी की उपलब्धि हासिल की, इलेक्ट्रिक टू व्हीलर चलाने वाले अस्‍थायी डिलीवरी पार्टनर्स ने की रिकॉर्ड कमाई

    vishal rajputBy vishal rajput08/07/2024No Comments6 Mins Read

    • जि़प के 8% पायलट अब हर महीने 50,000 रुपये से ज्‍यादा की कमाई कर रहे हैं, इसमें मार्च से 50% की बढ़ोतरी हुई है
    • तिपहिया वाहन चलाने वाले 5% पायलटों की मासिक कमाई 80,000 रुपये से अधिक हो गई है

    टुडे एक्सप्रेस न्यूज़ | नई दिल्ली, 08 जुलाई, 2024 – ज़िप इलेक्ट्रिक ने घोषणा की है कि उसके गिग वर्कर्स (अस्थायी कर्मचारियों) की कमाई में ज़बरदस्त वृद्धि हुई है। कमाई में यह वृद्धि दर्शाती है कि ज़िप इलेक्ट्रिक अपने डिलीवरी पार्टनर्स को कमाई के स्थायी और आकर्षक अवसर प्रदान करने और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। जि़प इलेक्ट्रिक भारत का अग्रणी टेक्‍नोलॉजी-इनेबल्‍ड ईवी-एज़-ए-सर्विस प्लेटफॉर्म है।

    जि़प पायलट मुख्य रूप से ईवी राइडर्स हैं, जिनकी उम्र 27 वर्ष है। इन पायलटों ने एक महत्‍वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। 8% पायलट अब हर महीने 50,000 रुपये से अधिक कमा रहे हैं, जिसमें मार्च से 50% की वृद्धि हुई है। इसके अलावा, 14% जि़प पायलटों की मासिक आय बढ़कर 40,000 और 50,000 रुपये पहुंच गई है, और इसमें मार्च 2024 के मुकाबले 81% की जबरदस्त वृद्धि हुई है। कुल मिलाकर, 35% जि़प पायलट हर महीने 24,000 रुपये से अधिक की कमाई कर रहे हैं, जो जि़प के समर्पित कर्मचारियों की आय में लगातार वृद्धि को दर्शाता है।

    जि़प के तिपहिया वाहन पायलटों की आय में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। 5% तिपहिया वाहन पायलट प्रति माह 80,000 रुपये का आंकड़ा पार करने में सफल रहे हैं, वहीं 30% पायलट की मासिक आमदनी 50,000 रुपये से अधिक रही है। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि जि़प इलेक्ट्रिक अपने इलेक्ट्रिक वाहन पोर्टफोलियो में कमाई की क्षमता बढ़ाने के लिए निरंतर सफल प्रयास कर रहा है।

    शहर-आधारित डेटा जि़प इलेक्ट्रिक की पहल की क्षेत्रीय सफलता को उजागर करता है। बेंगलुरू में सबसे ज़्यादा उच्च आय वाले पायलट हैं। वहीं, दिल्ली में सबसे ज़्यादा पायलट हैं, जिनकी आय 40,000 से 50,000 रुपये के बीच है।
    वित्तीय लाभों के अलावा, जि़प इलेक्ट्रिक अपने डिलीवरी पार्टनर्स को कई तरह के प्रोत्साहन प्रदान करता है। 0-3 महीने की सेवा वाले लोगों के लिए, बीमा के साथ-साथ बेहतर कमाई का अवसर मौजूद है। 3 से 6 महीने के बीच, पायलटों को सेवाओं पर अतिरिक्त छूट के साथ-साथ उपहार मिलते हैं। 6 से 9 महीने के बीच पहुंचने पर वे गोल्ड श्रेणी के विशेषाधिकार, मूवी टिकट, पारिवारिक बीमा और जि़प-सत्यापित ऑन-डिमांड राइड के लिए पात्र हो जाते हैं। 12 महीने से अधिक होने के बाद, उन्हें विशेष हेलमेट, संस्थापकों के साथ डिनर, मूवी टिकट, आंतरिक नौकरी पोस्टिंग (IJP) और अन्य विशेष लाभों जैसे विकल्पों से पुरस्कृत किया जाता है। प्लेटफॉर्म पर अधिक समय बिताने के साथ लाभ में बढ़ोतरी होती जाती है।

    नरेंद्र सिंह की जुबानी: जि़प इलेक्ट्रिक में सुरक्षा गार्ड से लेकर सफल डिलीवरी पार्टनर बनने तक की यात्रा
    “मैं एक सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करता था और मेरी महीने की आमदनी 15,000 रुपये थी। इसमें परिवार का भरण-पोषण करना मेरे लिए बहुत मुश्किल था। मैंने जि़प इलेक्ट्रिक और इसके डिलीवरी पार्टनर प्रोग्राम के बारे में सुना और आवेदन करने का फैसला किया। इससे जुड़ने के बाद से मेरी मासिक आय बढ़कर 45,000-50,000 रुपये हो गई है। अब मुझे अपने बच्चों की शिक्षा और उनके पालन पोषण की चिंता नहीं रहती है। स्थिरता और अपने डिलीवरी पार्टनर को सशक्त बनाने के लिए जि़प की प्रतिबद्धता जीवन बदलने वाली रही है। मुझे उनके मिशन के साथ जुड़कर खुशी हो रही है और मैं दूसरों को बेहतर जीवन के लिए जि़प इलेक्ट्रिक से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करता हूं।”

    सुनील कुमार की जुबानी: गांव से शहर तक, जि़प इलेक्ट्रिक ने मेरी जिंदगी बदल दी
    “मैं पहले अपने गांव में किसान था और लेकिन कमाई को लेकर मेरे बड़े सपने थे। बेहतर जीवन की तलाश में अपना गांव छोड़ दिया, लेकिन नौकरी ढूंढना एक मुश्किल काम था। मुझे गुजारा करने में मुश्किल हो रही थी, और मेरा किराया बढ़ता जा रहा था। तब मैं डिलीवरी पार्टनर के रूप में जि़प इलेक्ट्रिक से जुड़ा। अब, मैं हर महीने 45,000 रुपये कमाता हूं। मैंने अपने छोटे से किराए के घर से निकलकर एक बड़े घर में जाने का सपना देखा है। डिलीवरी बॉय होना एक कठिन यात्रा है और जि़प इलेक्ट्रिक ने मुझे जीवन में एक नई शुरुआत दी है। मैं अपने भविष्‍य को बेहतर बनाने के लिए अवसर देने के लिए उनका आभारी हूं।”

    जि़प इलेक्ट्रिक के को-फाउंडर और सीईओ आकाश गुप्ता ने कहा: “जि़प के निर्माण में हमें जो सबसे बड़ी संतुष्टि मिलती है, वह यह है कि हम अपने 25,000 से अधिक मासिक सक्रिय डिलीवरी पायलटों को सशक्त बना रहे हैं, जो जि़प प्लेटफॉर्म के जरिए आमदनी प्राप्‍त कर रहे हैं। हम अपने पायलटों की आय में जबरदस्त वृद्धि देखकर खुशी है। यह डिलीवरी भागीदारों द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में वृद्धि को दर्शाता है और स्‍थायी व लाभदायक कमाई के अवसर प्रदान करने की हमारी प्रतिबद्धता को बताता है। हमारे पायलट हमारे संचालन की रीढ़ हैं, और उनकी सफलता उनकी कड़ी मेहनत और पर्यावरण के अनुकूल, अधिक समृद्ध भविष्य के लिए हमारे साझा दृष्टिकोण का प्रमाण है। हमने भारत में बढ़ते बाजार और डिलीवरी सेगमेंट को देखते हुए डिलीवरी की अस्‍थायी नौकरियों को और अधिक सम्मानजनक और बेहतर बनाने का लक्ष्य तय किया है। अगर 20 के दशक में अधिक युवा और महिलाएं डिलीवरी जॉब्स को कमाई के व्यावहारिक अवसरों के रूप में देखने लगें, तो यह एक गेम चेंजर हो सकता है, जो सही नीतियों के साथ उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।”

    जि़प इलेक्ट्रिक एनजीओ और एजेंसियों के साथ साझेदारी करने की दिशा में काम कर रहा है ताकि महिलाओं और दिव्यांग डिलीवरी पार्टनर्स को शामिल करते हुए उन्हें कमाई के अवसर से सशक्त बनाया जा सके और अगले दो सालों में मौजूदा अस्‍थायी कर्मियों की संख्या को 25,000 से 10 गुना तक बढ़ाया जा सके।

    हाल ही में, जि़प इलेक्ट्रिक ने पिछले महीने अपना सीरीज सी फंडिंग राउंड शुरू करने की घोषणा की थी, जिसमें 15 मिलियन डॉलर जुटाए गए और वित्त वर्ष 23-24 में 325 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया गया। कंपनी की पर्यावरण के अनुकूल पहलों ने अपने परिचालन की शुरुआत से लेकर अब तक 31 मिलियन किलोग्राम कार्बन उत्सर्जन की कमी में योगदान दिया है।

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