TODAY EXPRESS NEWS / REPORT / AJAY VERMA / फरीदाबाद: 14 फरवरी को पुलवामा आतंकी हमले की पहली बरसी पर पूरे देश ने अपने शहीद जवानों को नमन किया। बार एसोशिएशन फरीदाबाद के पूर्व अध्यक्ष एवं न्यायिक सुधार संघर्ष समिति के प्रधान एडवोकेट एलएन पाराशर ने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि जब कोई जवान शहीद होता है तो जवान के परिजनों से किये गए वादे समय से नहीं पूरे किये जाते हैं और जवानों के परिजनों को धक्के खाने पर मजबूर किया जाता है। उन्होंने कहा कि फरीदाबाद के गांव अटाली से शहीद हुए पैरा कमांडो संदीप कालीरमन के परिवार को अभी तक ना तो सरकारी नौकरी मिली है ना ही उनके सरकारी स्कूल का नाम बदलकर शहीद के नाम पर रखा गया है और ना ही बल्लभगढ़ से मोहना जाने वाले रास्ते का नाम बदलकर शहीद के नाम पर रखा गया है. ऊपर से जब उनके परिजन डीसी ऑफिस जाते हैं तो उन्हें एक दूसरे सरकारी दफ्तरों में चक्कर लगवाए जाते हैं। पाराशर ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र लिख मांग कि कि शहीदों की शहादत की बेकद्री ना की जाए उन्हें उनका मान सम्मान दिया जाए। प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और रक्षा मंत्री को लिखे पत्र में पाराशर ने मांग की है कि फौजियों को दी जाने वाली इंश्योरेंस की सुविधा की किस्त उनकी तनख्वाह से ना काट कर सरकार खुद उनकी किस्त भरे क्योंकि फौजी देश के लिए लड़ता। पाराशर ने कहा कि दुनिया के कई देशों में इंश्योरेंस सरकार ही करवाती है और सरकारी उसकी किस्त भरती है। पाराशर ने कहा कि जवान सर्दी-गर्मी से जैसे मौसम के साथ साथ देश के दुश्मनों से लड़कर देश की रक्षा करते हैं और अगर कोई जवान शहीद हो जाता है तो जवान के परिजनों को परेशान न किया जाए और जो घोषणा की जाए उसे तुरंत पूरा किया जाए।
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