कैसा राजभवन और कैसा राजयपाल ( प्रोफ़ेसर गणेशी लाल राजयपाल ओडिशा )

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TODAY EXPRESS NEWS ( Ajay verma ) दूर बैठे लोगो को एहसास हो की राजभवन उनका है तभी तो राजयपाल का कोई अर्थ होगा और अगर राजयपाल बड़ी कुर्सी पर बैठ जाए और दूसरा नीचे हाथ जोड़कर खड़ा रहे तो ऐसे में कैसा राजभवन और कैसा राजयपाल। दिल को छू लेने वाले यह उदगार हाल ही में हरियाणा प्रदेश से ओड़िशा के नवनियुक्त राजयपाल महामहिम गणेशी लाल ने आज फरीदाबाद में अपने सम्मान समारोह में लोगो को सम्बोधित करते हुए कहे. गौरतलब है की आज हरियाणा के कैबिनेटमंत्री विपुल गोयल ने फरीदाबाद में ओड़िशा के नवनियुक्त राजयपाल महामहिम गणेशी लाल जी का सम्मान समारोह आयोजित किया था जिसमे केंद्रीय राजयमंत्री कृष्णपाल गुर्जर समेत फरीदाबाद के विधायकों और नगर निगम की महापौर के अलावा सैकड़ो लोगो ने शिरकत की और उनका ज़ोरदार स्वागत किया। राजयपाल के इस सम्मान समारोह में इतनी भीड़ उमड़ी की नगर निगम सभागार हॉल  छोटा पड़  गया और लोगो को वापिस लौटना पड़ा. इस अवसर पर कैबिनेटमंत्री विपुल गोयल और केंद्रीय राजयमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने मंच से राजयपाल का शहरवासियों की तरफ से स्वागत किया और उन्हें ओडिशा का राजयपाल बनाय जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह का आभार जतलाया।

 इस मौके पर अपने सम्बोधन के दौरान ओडिशा के राजयपाल प्रोफ़ेसर गणेशी  लाल लोगो के आपार प्यार को देखकर भावविभोर हो गए. राजयपाल पद की परिभाषा पर बोलते हुए उन्होंने कहा की   ” दूर बैठे लोगो को एहसास हो की राजभवन उनका है तभी तो राजयपाल का कोई अर्थ होगा और अगर राजयपाल बड़ी कुर्सी पर बैठ जाए और दूसरा नीचे हाथ जोड़कर खड़ा रहे तो ऐसे में कैसा राजभवन और कैसा राजयपाल “. अपने सम्बोधन में उन्होंने लोगो को ओडिशा राजभवन आने का न्यौता देते हुए कहा की वहां 88 एकड़ और 22 एकड़ में राजभवन बना हुआ है ऐसे में अब कोई बताये की इतनी बड़ी जगह पर क्या कोई चार पांच लोग थोड़े ही रह सकते है इसलिए आप में से जितने भी लोग आना चाहते है वह राजभवन में आ सकते है. जनता का अपार स्नेह देखकर राजयपाल ने कहा की आज मुझे आप सबके दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है और यह सौभाग्य मुझे कैबिनेटमंत्री विपुल गोयल और केंद्रीय राजयमंत्री कृष्णपाल गुर्जर के माध्यम से मिला है. वहीँ इस मौके पर सभागार में मौजूद महिलाओ को सम्बोधित करते हुए उन्होंने दिल को छू लेने वाले उदगार व्यक्त करते हुए कहा की आपके चरण कमल उनके मस्तिष्क और सिर पर हमेशा रहे और आप सबका आशीर्वाद उन पर इसी तरह बना रहे.  पत्रकारों ने जब महामहिम से पूछा की सभागार में लोग आपके दर्शन करने आये थे लेकिन जगह कम पड़ने की वजह से वह वापिस चले गए – के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा की – लोग मेरे दर्शन करने के लिए नहीं आये थे बल्कि वह खुद उनके दर्शन करने के लिए यहाँ आये थे और वह सबके दर्शन नहीं कर पाए जिसका उन्हें मलाल है. उन्होंने कहा की मैं भी फरीदाबाद के क्षेत्र में एक साधारण कार्यकर्ता के नाते यहाँ घूमता रहा हूँ और यहाँ के लोगो के दर्शन करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है. हरियाणा से ओडिशा के राजयपाल बनने के बाद यहाँ के लोगो और वहां के लोगो में उन्होंने क्या  फर्क देखा – सवाल के जवाब में उन्होंने कहा की पूरे देश के कण कण में माँ भगवती का वास है जिसका अर्थ यह है की बेशक वेशभूषा बदल जाए या फिर भाषा बदल जाए लेकिन देश की माटी की सुगंध में कोई फर्क नहीं पड़ता। विश्व योग दिवस पर उन्होंने कहा की योग वास्तव में भगवान् के साथ मिलाता है और कई बार हम इतने स्ट्रांग लाइक और डिस्लाइक हो जाते है और भूल जाते है की हम सब एक है. वहीँ योग हम सब एक है का ही एहसास करवाता है और मुझे लगता है की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भी योग के माध्यम से यही सन्देश पूरे विश्व में देने की कोशिश की है.

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