फरीदाबाद : उम्रदराज मरीजों के लिए गंभीर फ्रैक्चर के बाद दोबारा चलना कई बार बड़ी चुनौती बन जाता है, लेकिन फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, फरीदाबाद के डॉक्टरों ने एडवांस हिप फ्रैक्चर सर्जरी के जरिए 92 वर्षीय पुरुष और 95 वर्षीय महिला मरीज की खोई हुई मोबिलिटी वापस लौटाकर एक नई मिसाल पेश की है।
दोनों मरीज अपने-अपने घरों में गिरने के कारण कूल्हे के पास गंभीर फ्रैक्चर का शिकार हुए थे। चोट के बाद उनकी जिंदगी कई महीनों तक बिस्तर तक सीमित हो गई थी। अधिक उम्र, कमजोर हड्डियों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के बावजूद डॉक्टरों ने सफल सर्जरी कर उन्हें फिर से चलने-फिरने में सक्षम बनाया।
फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, फरीदाबाद के डायरेक्टर, ऑर्थोपेडिक्स डॉ. हरीष घूटा ने एडवांस सर्जिकल तकनीकों की मदद से दोनों मरीजों का उपचार किया।
92 वर्षीय मरीज की सफल हेमीआर्थ्रोप्लास्टी
पहले मामले में 92 वर्षीय पुरुष मरीज अपने घर में गिर गए थे, जिससे उनकी बायीं जांघ की हड्डी कूल्हे के जोड़ के पास टूट गई थी। तेज दर्द और सूजन के कारण वह चलने-फिरने में असमर्थ हो गए थे।
मरीज को डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी स्वास्थ्य समस्याएं भी थीं, जिससे सर्जरी चुनौतीपूर्ण मानी जा रही थी। जांच के बाद डॉक्टरों ने उनकी हेमीआर्थ्रोप्लास्टी सर्जरी की।
इस प्रक्रिया में क्षतिग्रस्त हिप ज्वॉइंट के हिस्से को हटाकर उसकी जगह कृत्रिम इंप्लांट लगाया गया। करीब एक घंटे चली इस सर्जरी के बाद मरीज ने तेजी से रिकवरी की और तीन दिन बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
95 वर्षीय महिला की मिनिमली इनवेसिव सर्जरी
दूसरे मामले में 95 वर्षीय महिला मरीज अपने घर के वॉशरूम में गिर गई थीं, जिसके कारण उनकी बायीं जांघ के ऊपरी हिस्से में फ्रैक्चर हो गया था। दर्द और चलने में परेशानी के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जांच के बाद डॉक्टरों ने मिनिमली इनवेसिव तकनीक से सर्जरी की। करीब 3 सेंटीमीटर के छोटे चीरे के जरिए हड्डी में विशेष मेटल रॉड लगाकर फ्रैक्चर को ठीक किया गया।
इस प्रक्रिया में कम रक्तस्राव हुआ और मरीज उसी दिन चलने लगीं। उन्हें चार दिन बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
समय पर इलाज से बचाई जा सकती है बुजुर्गों की जिंदगी
डॉ. हरीष घूटा ने बताया कि बुजुर्गों में हिप फ्रैक्चर गंभीर समस्या होती है, क्योंकि लंबे समय तक बिस्तर पर रहने से निमोनिया, सांस संबंधी परेशानी, बेड सोर और अन्य जटिलताओं का खतरा बढ़ सकता है।
उन्होंने कहा कि 90 वर्ष से अधिक उम्र के मरीजों में सर्जरी के लिए विशेष योजना, कम रक्तस्राव, कम एनेस्थीसिया समय और जल्द मोबिलिटी लौटाना सबसे महत्वपूर्ण होता है। इन दोनों मामलों में आधुनिक तकनीक और मल्टीडिसिप्लिनरी टीम के सहयोग से मरीजों को जल्द स्वस्थ होने में मदद मिली।
मरीज-केंद्रित उपचार के लिए प्रतिबद्ध फोर्टिस एस्कॉर्ट्स
फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, फरीदाबाद के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. अभिषेक शर्मा ने कहा कि ये मामले साबित करते हैं कि सही चिकित्सा योजना और विशेषज्ञ टीम के सहयोग से अधिक उम्र भी बेहतर इलाज में बाधा नहीं बनती।
उन्होंने कहा कि ऑर्थोपेडिक सर्जन, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, फिजिशियन, नर्सिंग टीम और रिहेबिलिटेशन विशेषज्ञों के बेहतर तालमेल से बुजुर्ग मरीजों को सुरक्षित और प्रभावी उपचार उपलब्ध कराया जा सकता है।
फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल मरीजों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने और हर उम्र के लोगों को बेहतर व सक्रिय जीवन जीने में सहायता करने के लिए लगातार प्रयासरत है।
