रिपोर्ट अजय वर्मा / फरीदाबाद सेक्टर-15 स्थित ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर जिसका शिलान्यास पूर्व राष्ट्रपति आर वेंकटरामन द्वारा 1985 में किया गया था—आजकल श्रद्धा के बजाय विवादों का केंद्र बन गया है। मंदिर के प्रबंधन और ट्रस्ट के नियंत्रण को लेकर दो गुटों के बीच शुरू हुआ विवाद अब हिंसक रूप ले चुका है। ताज़ा घटनाक्रम में मंदिर परिसर के भीतर जमकर हंगामा और धक्का-मुक्की हुई, जिसमें एक व्यक्ति को गंभीर चोटें आई हैं।
घायल व्यक्ति विवेकानंद ने बताया कि आज जब मंदिर पर नियंत्रण को लेकर बातचीत करने कुछ लोग गए तो वहां मौजूद चार पांच लड़कों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी जिसमे उसे गम्भीर चोट सर पर लगी है उसे लगता है कि उस पर लोहे की रॉड से हमला किया गया होगा।
श्री जगन्नाथ मंदिर कल्चर सेंटर बनाम कलिंगा संस्कृति ट्रस्ट के विवाद को लेकर अनिल साहू सेंट्रल थाना पहुचे जहां उन्होंने बताया की करीब चालीस पचास के आस पास सरकार द्वारा जगन्नाथ मंदिर बनाने के लिए यह ज़मीन उन्हें दी गयी थी तो समाज के लोगो ने एकत्रित होकर मंदिर का निर्माण शुरू किया और सन 2015 में मंदिर निर्माण का कंप्लीशन हुआ जिसके उद्घाटन के लिए देश के जाने माने नेता और मंत्री पहुँचे थे । उन्होंने कहा कि रजिस्टर समिति के चुनाव होने जरूरी होते है ताकि आर्थिक और वित्तीय नियमित्ताये पूरी हो सकें लेकिन पिछले कईं सालों से समिति द्वारा चुनाव होने ही नही दिए गए। विवाद पर आगे बताया कि मंदिर जगन्नाथ कल्चर सेंटर के नाम से ही चल रहा था चूंकि उस वक्त हुड्डा विभाग द्वारा ज़मीन कलिंगा संस्कृतिक परिषद के नाम पर दी गयी थी जिसे बाद में कंबाइंड करके जगन्नाथ कल्चर सेंटर के नाम से ही बनाया गया था उन्होंने कहा कि हुड्डा विभाग के नियमो के अनुसार ज़मीन का नाम नही बदला जा सकता था तो ज़मीन को कलिंगा संस्कृति के नाम पर ही रहने दिया बाकी उसके अलावा जो भी गतिविधियां थी वह सब शरीबजगन्नाथ कल्चर सेंटर के नाम से ही चल रही थी । उन्होंने दूसरे पक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब हमने समिति पर चुनाव करने के लिए दबाव डाला तो उन्होंने चुनाव के लिए साफ साफ मना कर दिया फिर हमने बाध्य होकर चुनाव होने को लेकर अपनी शिकायत डिस्ट्रिक रजिस्ट्रार आफिस में कर दी की इस समस्या का निवारण करें । जिस पर नेवी से रिटायर आफिसर सत्यवीर सिंह को एडमिनिस्ट्रेटर के तौर पर अपॉइंट कर दिया । उन्होंने आकर टेकेवर किया और चुनाव की तारीख तय की गई और चुनाव में हमने भाग लिया साथ ही दूसरे पक्ष का नाम भी रखा गया की आप भी चुनाव में भाग लें लेकिन दूसरे पक्ष ने नॉमिनेशन तक नही भरा जिसके चलते हमारे पक्ष को निर्विरोध चुने लिया गया । जिसके बाद चुनाव को खारिज करने के लिए दूसरे पक्ष ने माननीय न्यायालय में भी अपील की जिसका केस दो तीन महीने से चल रहा था जिसके चलते हाल फिलहाल में दस मार्च को इसका फैसला आया जिसमे माननीय जज साहिबा ने फैसला हमारे पक्ष में दिया ओर उनकी याचिका को निरस्त कर दिया गया जिसके बाद हमारे द्वारा मंदिर का अकाउंट फ़्रीज कर दिया गया था ताकि किसी भी तरह की वित्तीय अनियमितताएं न हो । जिसके बाद एडमिनिस्ट्रेटर ने अकाउंट को ऑपरेट करने कि इजाजत दे दी है। उन्होंने बताया कि आज जब मंदिर को हेंड ओवर करने को लेकर बातचीत करने गए तो उन्होंने हिंसात्मक रूप अपना ओर उनके साथ गए विवेकानंद नाम के व्यक्ति का सर फोड़ दिया जिसका इलाज चल रहा है उन्होंने दूसरे पक्ष पर आरोप लगाया की सामने से वह लोग शांत रूप दिखाते हैं लेकिन पीछे से वह उग्र स्वभाव के हैं जिसके लिए वह पुलिस में शिकायत देने पहुचें हैं।
वहीं मौके पर पहुँचीं पुलिस का कहना है कि मंदिर पर नियंत्रण की बात को लेकर दोनों पक्षो में झगड़ा हुआ है जिस दौरान आपस मे कहा सुनी हो गयी और मारपीट भी हुई है जिसमे एक व्यक्ति को सर पर चोट आई है उन्होंने कहा कि दोनों पक्षो से बातचीत कर आगामी कार्यवाही की जाएगी।
