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    Home » हैबिल्ड सर्वे में 10 में से 6 माताओं ने संरचित सहयोग की माँग की, 60% से अधिक ने 45 वर्ष के बाद ही स्वास्थ्य को प्राथमिकता देती हैं

    हैबिल्ड सर्वे में 10 में से 6 माताओं ने संरचित सहयोग की माँग की, 60% से अधिक ने 45 वर्ष के बाद ही स्वास्थ्य को प्राथमिकता देती हैं

    vishal rajputBy vishal rajput11/05/2026Updated:11/05/2026No Comments3 Mins Read

    नई दिल्ली, 11 मई 2026 — माताएँ हमेशा परिवार की रीढ़ रही हैं, अक्सर अपनी ज़रूरतों को पीछे रखकर सबकी देखभाल करती रही हैं। लेकिन हैबिल्ड के नए सर्वे में एक अहम बदलाव सामने आया है—आज की माताएँ अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की ज़रूरत को समझ रही हैं, परंतु उनके पास इसे सही तरीके से करने के लिए पर्याप्त सहयोग प्रणाली मौजूद नहीं है।

    यह सर्वे हैबिल्ड द्वारा 5,000 से अधिक प्रतिभागियों पर किया गया, जिनमें अधिकांश महिलाएँ थीं। इसमें मातृ स्वास्थ्य और वेलनेस के मामले में इरादे और वास्तविक क्रियान्वयन के बीच की बड़ी खाई को उजागर किया गया।

    हैबिल्ड सर्वे के मुख्य निष्कर्ष इस प्रकार हैं:

    ● 60% से अधिक प्रतिभागी 45 वर्ष या उससे अधिक आयु की थीं, जिससे पता चलता है कि कई महिलाएँ अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना जीवन के बाद के चरणों में ही शुरू करती हैं।

    ● लगभग 59% माताओं ने कहा कि यदि उन्हें संरचित स्वास्थ्य कार्यक्रम मिलें तो वे अपने स्वास्थ्य को गंभीरता से लेंगी।

    ● बड़ी संख्या में माताओं ने यह भी बताया कि उन्हें निरंतरता बनाए रखने के लिए विशेषज्ञ मार्गदर्शन और सामुदायिक सहयोग की आवश्यकता है।

    ये निष्कर्ष एक महत्वपूर्ण सच्चाई को सामने लाते हैं: जागरूकता बढ़ रही है, लेकिन माताएँ अक्सर वर्षों तक परिवार की ज़िम्मेदारियों में उलझकर अपने स्वास्थ्य को पीछे रखती हैं।

    यह एक बड़ी प्रणालीगत कमी को भी उजागर करता है—जहाँ माताओं से प्राथमिक देखभालकर्ता होने की अपेक्षा की जाती है, वहीं उनके लिए संरचित, विश्वसनीय और निरंतर स्वास्थ्य सहयोग की पहुँच बेहद सीमित है।

    सर्वे के निष्कर्षों पर टिप्पणी करते हुए हैबिल्ड के सह-संस्थापक सौरभ बोथरा ने कहा, “बहुत लंबे समय तक माताओं को इस तरह ढाला गया कि वे सबकी देखभाल करते हुए अपनी भलाई को पीछे रखें। अब हम एक बड़ा बदलाव देख रहे हैं—माताएँ अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना चाहती हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें सही संरचना, मार्गदर्शन और समुदाय की ज़रूरत है ताकि यह स्थायी बन सके। हैबिल्ड में हमारा मानना है कि जब आप एक माँ को खुद का ख्याल रखने के लिए सक्षम बनाते हैं, तो आप पूरे परिवार की नींव को मज़बूत करते हैं। अब समय आ गया है कि हम माताओं को केवल सराहें नहीं, बल्कि उनके स्वास्थ्य को सक्रिय रूप से सक्षम भी करें।”

    जैसे-जैसे प्रिवेंटिव हेल्थकेयर का महत्व बढ़ रहा है, इन निष्कर्षों से यह स्पष्ट होता है कि मातृ स्वास्थ्य को देखने का दृष्टिकोण बदलने की आवश्यकता है—इसे केवल व्यक्तिगत ज़िम्मेदारी न मानकर परिवारों, समुदायों और स्वास्थ्य सेवाओं की साझा प्राथमिकता बनाया जाना चाहिए।

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