सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय क्राफ्ट मेला बुनकरों, शिल्पकारों तथा कलाकारों को मंच प्रदान करता है

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cm manoharlal khattar and Governor bandaru dattatreya
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टुडे एक्सप्रेस न्यूज़ । रिपोर्ट अजय वर्मा । फरीदाबाद, 19 मार्च। हरियाणा के महामहिम राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय क्राफ्ट मेला बुनकरों, शिल्पकारों  तथा कलाकारों को मंच प्रदान करता है। इससे उन्हें अपनी प्रतिभा को तराशने एवं आजीविका कमाने मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह मेला कला, संगीत एवं सभ्यता का संगम है।

      महामहिम राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय, मुख्यमंत्री मनोहर लाल, उज्बेकिस्तान के राजदूत दिल्शोद अख्तोव, केन्द्रीय विद्युत् एवं भारी उद्योग राज्यमंत्री कृष्णपाल, हरियाणा के पर्यटन मंत्री कँवर पाल, परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा तथा मुख्य सचिव संजीव कौशल ने दीप प्रज्ज्वलन से 35वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय क्राफ्ट्स मेले का शुभारम्भ किया। सूरजकुंड मेला प्राधिकरण के चेयरमैन अरविन्द सिंह तथा वाइस चेयरमैन एमडी सिन्हा भी मौजूद रहे।

     महामहिम राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि गत मेले में 200 करोड़ रूपये का निर्यात हुआ था। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा हथकरघा उद्योग को जीएसटी से मुक्त रखा है तथा प्रदेश में 1000 करोड़ रुपय की लागत से विश्वकर्मा कौशल विकास विश्वविद्यालय स्थापित किया जा रहा है। पानीपत से 4000 करोड़ के हैंडलूम का निर्यात किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह मेला बुनकरों व् शिल्पकारों को उनके उत्पादों कि बिक्री के लिए एक मंच प्रदान करता है।

     बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान के रिश्ते गहरे हैं। उज्बेकिस्तान 35वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय क्राफ्ट्स मेले का भागीदार राष्ट्र है, जिससे रिश्ते और प्रगाढ होंगे। इस मेले में विभिन्न 30 देशों के शिल्पकार व् कलाकार भाग ले रहे हैं। ऐसे आयोजनों से कला व् संस्कृति को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा कि इस मेले का थीम राज्य जम्मू कश्मीर है, जिसे धरती का स्वर्ग कहा जाता है। इस राज्य की नक्काशी व् कारीगरी विदेशों में प्रसिद्द है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कला व संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं क्रियान्वित की जा रहीं हैं। उन्होंने कहा ऐसे अवसरों से “वोकल पर लोकल” को बढ़ावा मिलेगा।

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उद्घाटन समारोह के अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि 35वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय क्राफ्ट मेले में उज्बेकिस्तान के भागीदार राष्ट्र बनने से हरियाणा व उज्बेकिस्तान का दिल से दिल(H-to-H) का रिश्ता बनेगा। उन्होंने कहा इससे पहले भी उज्बेकिस्तान एक बार भागीदार राष्ट्र रहा है। उन्होंने कहा कि तोमर वंश के शासक आनंदपाल द्वितीय ने सूर्यदेवता कि स्मृति में यह तालाब बनवाया था। सन 1987 में लगाया गया यह क्राफ्ट्स मेला रुपी पौधा आज वटवृक्ष बन गया है, जिसकी शिल्पकारों व कलाकारों को छाया मिल रही है। आजादी का अमृत महोत्सव के तहत किये जा रहे क्राफ्ट्स मेले के आयोजन से लोगों में देशभक्ति कि भावना भी जागृत होगी। उन्होंने कहा कि प्रकृति ने सभी को कोई न कोई कला प्रदान की है।

     मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू व कश्मीर इस वर्ष क्राफ्ट्स मेले का स्टेट भागीदार है। उन्होंने कहा कि उन्होंने लगभग 6-7 वर्ष जम्मू-कश्मीर में कार्य करने के दौरान वहाँ की शिल्पकारी को नज़दीक से देखने का अवसर मिला है। यहाँ के कलाकारों की कलाकृतियाँ बेहतर है। मनोहर लाल ने कहा कि यह मेला विभिन्न संस्कृतियों का संगम है। प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी के “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” के तहत हरियाणा प्रदेश ने गत वर्ष तेलंगाना राज्य के साथ मिलकर कार्य किया है व भविष्य में अन्य राज्यों के साथ कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मेले में विभिन्न कलाओं व संस्कृतियों के मिलन से अच्छी विचारधारा विकसित होगी जो विध्वंसकारी घटनाओं को रोकने में भी मददगार होगी। उन्होंने कहा कि इस मेले के आयोजन से शिल्पकारों, कलाकारों व बुनकरों में आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। गत मेले में लगभग 12 लाख पर्यटक शामिल हुए थे।

     मेले के भागीदार राष्ट्र उज्बेकिस्तान के राजदूत दिल्शोद अख्तोव ने कहा कि उनका राष्ट्र इस मेले में दूसरी बार भागीदार राष्ट्र बना है। उन्होंने कहा कि उज्बेकिस्तान द्वारा वैश्विक महामारी कोविड-19 की समाप्ति के बाद भारतियों के लिए इलैक्त्रोनिक वीजा शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस मेले के आयोजन से विभिन्न देशों के शिल्पकारों व कलाकारों को मंच प्राप्त हुआ है, जिसके माध्यम से वे अपनी कला में और निखार ला सकेंगे। उन्होंने कहा कि भारत व उज्बेकिस्तान के बीच 18 मार्च 1992 को डिप्लोमेटिक रिश्ते शुरू हुए थे, जो ऐसे आयोजनों से और प्रगाढ होंगे।

      हरियाणा के मुख्यसचिव संजीव कौशल ने कहा कि इससे पूर्व इस मेले का आयोजन फरवरी माह में किया जाता रहा है, परन्तु कोविड महामारी के संक्रमण के दृष्टिगत इस मेले का आयोजन अब किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फरीदाबाद जिला में लगभग 110 प्रतिशत कोविड रोधी टीकाकरण हुआ है जो सम्पूर्ण देश में अधिक है। उन्होंने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान की भाषाओं में लगभग 5000 शब्द एक समान है। हुनरमंद शब्द भी इनमे से एक है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा इस मेले में सभी पुख्ता प्रबंध किये गये हैं तथा पार्किंग के लिए पार्किंग क्षेत्र को बढ़ाया गया है। मेला क्षेत्र में सुरक्षा की दृष्टि से लगभग 300 सीसीटीवी कैमरें भी लगायें गये हैं तथा पुलिस के जवान भी निरंतर चौकन्ना रहेंगे।

     सूरजकुंड मेला प्राधिकरण के चेयरमैन अरविन्द सिंह, वाईस चेयरमैन एमडी सिन्हा ने सभी अतिथियों के स्वागत किया। जम्मू–कश्मीर के पर्यटन विभाग के प्रधान सचिव रंजन प्रकाश ठाकुर ने भी विचार व्यक्त किये । हरियाणा के पर्यटन मंत्री कँवर पाल ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया । इस अवसर पर प्राधिकरण द्वारा सभी अतिथियों को शॉल व शंख भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बडखल की विधायक सीमा त्रिखा, फरीदाबाद के विधायक नरेंद्र गुप्ता, तिगांव के विधायक राजेश नागर, पृथला के विधायक नयनपाल रावत, विधायक घनश्याम अरोड़ा, मुख्यमंत्री के राजनितिक सचिव अजय गौड़, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार अमित आर्य, मुख्यमंत्री के ओएसडी(सांस्कृतिक) गजेन्द्र फोगाट, मुख्यमंत्री के मीडिया समन्वयक मुकेश वशिष्ठ, कला एवं संस्कृति विभाग के प्रधान सचिव डॉक्टर डी सुरेश, फरीदाबाद मंडल के आयुक्त संजय जून, पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा, उपायुक्त जितेन्द्र यादव, अतिरिक्त उपायुक्त एवं मेला नोडल अधिकारी सतबीर मान, पर्यटन विभाग के निदेशक अमरजीत मान सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। 

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