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    Home » वित्तीय क्षेत्र पर सुपर ऐप का प्रभाव

    वित्तीय क्षेत्र पर सुपर ऐप का प्रभाव

    vishal rajputBy vishal rajput30/06/2023No Comments4 Mins Read
    Angel one logo 2021

    टुडे एक्सप्रेस न्यूज़ । भारत में कई उपभोक्ता कई मौजूदा या संभावित सुपर-ऐप का उपयोग करते हैं जबकि उन्‍हें ऐसे एप्लिकेशंस के माध्यम से दी जाने वाली सेवाओं की व्‍यापक श्रृंखला की जानकारी नहीं है। एप्स के अनेक उदाहरण विभिन्न सेवाओं के सुपर सेट के रूप में कार्य करते हैं। उदाहरण के लिए, कोई फूड डिलीवरी ऐप से क्रेडिट कार्ड का प्रबंधन कर सकता है, और पारंपरिक डिजिटल पेमेंट ऐप से हवाई टिकट बुक कराना भी संभव है। मौजूदा और लोकप्रिय एप्लिकेशंस ने धीरे-धीरे खुद को सुपर-ऐप में बदल लिया है।

    इन सुपर-एप्स के प्रति जनता की प्रतिक्रिया मुख्य रूप से सकारात्मक है, जिसके परिणामस्वरूप अगले पांच वर्षों में इसके 24% के करीब सीएजीआर से बढ़ने की उम्मीद है। इस दशक के अंत तक पूरे उद्योग का आकार 800 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। वित्तीय सेवाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में इन एप्लिकेशंस के कारण होने वाले व्यापक बदलावों से अलग-अलग तरह के ऐप्‍स का निर्माण होगा। श्री प्रभाकर तिवारी, सीजीओ, एंजेल वन लिमिटेड

    सुपर एप्स में हो रही बढ़ोतरी के साथ वित्तीय परिदृश्य में भी महत्वपूर्ण विकास होने की उम्मीद है।

    यहां कुछ प्रमुख प्रभावों का जिक्र है:

    बैंकिंग क्षेत्र पर प्रभाव

    सुपर-एप्स के सबसे महत्वपूर्ण फायदों में से एक ग्राहकों को सहज अनुभव प्रदान करने के लिए प्लेटफार्मों के भीतर वित्तीय और बैंकिंग सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला को एकीकृत करने की उनकी क्षमता है। बैंकिंग क्षेत्र के लिए, इसका मतलब यह है कि कई यूजर बैंकिंग एप्स को बायपास कर सकते हैं और अधिक इंटीग्रेटेड सुपर-ऐप का उपयोग कर सकते हैं।

    उदाहरण के लिए, एक अग्रणी फूड डिलीवरी कंपनी का एडिशन कार्ड (एक प्रसिद्ध वाणिज्यिक बैंक के सहयोग से) यूजर्स को पारंपरिक बैंकिंग चैनलों को नजरअंदाज करते हुए और सुपर-ऐप के माध्यम से सभी बैंकिंग गतिविधियों को संचालित/निगरानी करने की सुविधा प्रदान करता है। इसके अलावा, डिजिटल वॉलेट वाले सुपर-ऐप यूजर्स के लिए पारितंत्र में रहना आसान बनाते हैं और नकदी और क्रेडिट कार्ड पर उनकी निर्भरता को कम करते हैं।

    वित्तीय सेवाओं पर प्रभाव

    एकीकरण का एक और महत्वपूर्ण प्रभाव ब्रोकरेज, निवेश और परिसंपत्ति प्रबंधन क्षेत्रों में महसूस किया जाएगा। सुपर एप्स के माध्यम से, यूजर अपनी साख और नेट वर्थ का मूल्यांकन कर सकते हैं। इसके अलावा, ऐसे सुपर-ऐप मौजूदा निवेश में वास्तविक समय की गतिविधियों पर नजर रखने का अवसर प्रदान करते हैं। यूजर एक वॉचलिस्ट भी बना सकते हैं जिसके आधार पर बाजार के उतार-चढ़ाव का विश्लेषण किया जा सकता है।

    उदाहरण के लिए, भारत में एक सुपर-ऐप यूजर्स को म्यूचुअल फंड और इक्विटी में निवेश करने में मदद करता है, अमेरिकी बाजारों तक पहुंच प्रदान करता है और कई अन्य सुविधाओं के साथ एआई-समर्थित सिफारिशें प्रदान करता है। विकास के कारण निवेश और परिसंपत्ति प्रबंधन प्रक्रिया पहले से बेहतर हो गई है।

    बीमा क्षेत्र पर प्रभाव

    बीमा क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक पारंपरिक रूप से बोझिल कागजी कार्रवाई और ग्राहकों को जोड़े जाने की प्रक्रिया शामिल है। जीवन और सामान्य बीमा को डिजिटल भुगतान एप्स के भीतर एकीकृत किया गया है, जिसके आधार पर बीमा ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया को पूरा करने में लगने वाले समय और प्रयास में काफी सुधार हुआ है। इसका मतलब है कि बीमा का कुल कवरेज बढ़ जाएगा। उदाहरण के लिए, वर्तमान में, भारत में लगभग 41% घरों में कम से कम एक व्यक्ति स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी द्वारा कवर किया गया है, जो भारतीय जनसंख्या के आकार के आधार पर काफी खराब आंकड़ा है। सुपर-एप्स के आने से इस स्थिति में काफी हद तक बदलाव आएगा।

    अंत में…

    सुपर एप्स अनिवार्य रूप से उत्पादों और सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला के लिए एक सिंगल पोर्टल के रूप में काम करते हैं। भारतीय बाजार की तुलना में चीन और अमेरिका में अधिक परिष्कृत, एकीकृत और व्यापक सुपर-ऐप हैं, जो इस संदर्भ में अभी भी विकसित हो रहे हैं। हालांकि, ऐसे कई एप्लिकेशन पहले ही क्रियान्वयन और सेवाओं की एक अलग श्रृंखला को शामिल करने में उत्कृष्टता का संकेत दिखा चुके हैं। अनुमान है कि इन एप्स को धीरे-धीरे अपनाने से वित्तीय परिदृश्य अधिक समावेशी होगा। नए उत्पाद और सेवाएं सुदूर क्षेत्रों में भी आसानी से और तेज़ गति से पहुंचेंगी। श्री प्रभाकर तिवारी, सीजीओ, एंजेल वन लिमिटेड

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