ई- रिक्शा फैलाते हैं प्रदूषण, ट्रैफिक पुलिस ने काटे 7-7 हजार रूपयों के चालान

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TODAY EXPRESS NEWS : देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रदूषण को कम करने के लिये और बेरोजगारों को रोजगार देने की भावना से देश के कोने – कोने में ई रिक्शा वितरित कर चलाने का आह्वान किया था, मगर आज उन्हीं की सरकार में फरीदाबाद ट्रैफिक पुलिस कर्मी ई-रिक्शा चालकों के बिना बजह बताये चालान काट रहे हैं। जिससे नाराज ई- रिक्शा चालक केन्द्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर के कार्यालय पर पुलिस द्वारा काटे गये चालानों की बजह पूछने के लिये पहुंचे, जहां मंत्री साहब की अनुपस्थिति में पुलिस कर्मियों ने सभी ई- रिक्शा चालकों को भगा दिया। इतना ही नहीं अपने हक कह बात पूछने पहुंचे चालकों की पुलिसकर्मियों ने अपने फोन से विडियो और कुछ चालकों के नाम भी दर्ज किये, फिर उन्हें डराते और धमकाते हुए नजर आये।

ई- रिक्शा चालकों की माने तो वह कई सालों से शहर के अंदर रिक्शा चला रहे हैं वह कभी हाईवे पर भी रिक्शा नहीं चलाते, इससे पहले कभी भी ट्रैफिक पुलिस ने परेशान नहीं किया, क्योंकि उनके रिक्शा न तो प्रदूषण फैलाते हैं और नहीं लापरवाही से तेज गति में दौडते हैं। मगर पिछले कुछ दिन ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने सैंकडों रिक्शों को जब्त कर लिया और दर्जनों चालकों के बिना बजह बताये 7-7 हजार रूपये के चालान काटे जा रहे हैं। पुलिस से इन चालानों की बजह पूछी तो उन्होंने बताया कि प्रदूषण के लिये काटे गये हैं जबकि ई-रिक्शा बैट्री से चलते हैं उनसे कैसे प्रदूषण हो रहा है, जो कि सरकार ने खुद चलाये हैं, सरकार में जनता का प्रतिनिधित्व करने वाले केन्द्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर से चालानों की बजह पूछने के लिये जब रिक्शा चालक उनके कार्यालय सेक्टर 28 पहुंचे तो वहां से पुलिस ने उन्हें भागा दिया। चालकों का कहना है व रोजाना इन्हीं रिक्शों से अपने परिवार का पेट पालते हैं अगर पुलिस उन्हें बिना बजह से ऐसे परेशान करेगी तो वह भूखे मर जायेंगे, अगर पुलिस उनसे टैक्स लेना चाहती है तो वह दिल्ली की तर्ज पर नगर निगम को टैक्स भी देने के लिये तैयार हैं।

रविंद्र कुण्डू – एसीपी ट्रेफिक ने बताया     – ई – रिक्शा वालो के 6-7 हजार के चालान काटे जाने के मुद्दे पर ट्रेफिक एसीपी ने बताया की ई -रिक्शा में मोटर लगी हुई है इसलिए यह मोटरवाहिकल एक्ट में आता. ऐसे में ई – रिक्शा की आर सी और इंशोरेंस लाजमी है और उस पर नंबर प्लेट भी लगी होनी चाहिए। इसके साथ साथ ई – रिक्शा चालक के पास ड्राइविंग लाइसेन्स भी होना जरूरी है. हालांकि इसमें प्रदूषण का चालान नहीं हो सकता। उन्होंने कहा की जायदातर ई -रिक्शा बिना आरसी और नंबर प्लेटो के चल रहे है ऐसे में अगर कोई हादसा हो जाता है तो पुलिस की कार्यवाही कैसे होगी वहीँ अगर किसी हादसे में सवारी की मौत हो जाती है तो अगर इंशोरेंस नहीं होगा तो उसे क्लेम कैसे मिलेगा। भारी भरकम चालान के सवाल के जवाब में एसीपी ट्रेफिक ने कहा की विदाउट आरसी , विदाउट इंशोयेंस , बिना नंबर प्लेट और बिना ड्राइविंग लाइसेंस होने के चलते इन सबको मिलाकर छह – सात हजार रूपये का चालान न जाता है फिर भी अगर चालक मौके पर कागजात नहीं दिखा पाया तो चालान भुगतते समय अगर वह अपने जो दसतावेज दिखा देगा तो उसका चालान उस कैटागिरी में माफ़ हो जाएगा। उन्होंने कहा की जो कंपनियां ई -रिक्शा बेच रही है उन्हें भी बेचते समय खरीददार को तमाम जानकारियां देनी चाहिए की उसे वहीकल का रजिस्ट्रेशन और इंश्योरेंस करवाना जरूरी है.


( टुडे एक्सप्रेस न्यूज़ के लिए अजय वर्मा की रिपोर्ट )


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