फरीदाबाद को अपराध मुक्त करने के लिए अपनाई जा सकती हैं विभिन्न युक्तियाँ : O. P. Singh

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Various tips can be adopted to make Faridabad crime free O. P. Singh
Faridabad Police

फरीदाबाद के पुलिस कमिश्नर ओ पी सिंह ने आज सुबह पुलिस कमिश्नरेट फरीदाबाद के सभी पुलिस उपायुक्तों तथा सहायक पुलिस आयुक्तों को बैठक के दौरान कहा कि फरीदाबाद को हर तरह के अपराध से मुक्त करने के लिए विभिन्न युक्तियाँ अपनाई जा सकती हैं। जैसे कि जेल से सजा पूर्ण होने उपरांत, पेरोल पर या जमानत पर आए बंदी अपराधियों से संपर्क बनाए रखने वाले व्यक्तियों तथा फरीदाबाद में सक्रिय सभी अपराधियों की फोटो सहित पूर्ण विवरण के साथ एक सूची सभी नाकों, पीसीआर, राइडर व गस्त पार्टियों को उपलब्ध करवा दी जाए। इस सूची में से रोजाना पाँच-सात लोगों से पुलिसकर्मी मिलें और उनके साथ वार्तालाप करें।

उन्होंने कहा कि फरीदाबाद को अपराध मुक्त करना ही हमारा लक्ष्य है। कई बार व्यक्ति बड़े मामूली कारणों से अपने लक्ष्यों से भटक जाता है और अपराध की दुनिया में पहुँच जाता है। हर प्रकार की सजा का अंतिम उद्देश्य व्यक्ति की सोच में सुधार करके उसे एक नई दिशा प्रदान करना है। इसके लिए उससे बातचीत करना, उनके दुख तकलीफ में उनकी छोटी-मोटी मदद कर देना या संभव हो तो उन्हें कोई काम दिलवा देना आदि कार्य करके भी उनकी सोच में परिवर्तन किया जा सकता है और उन्हें अपराध की दुनिया से बाहर निकाला जा सकता है।

जिस प्रकार चावला कालोनी पुलिस चौकी प्रभारी उप निरीक्षक कृष्ण कुमार द्वारा अग्रसेन पार्क में आयोजित एक बाल रस्सा-कस्सी प्रतियोगिता के दौरान बच्चों को पेन वितरित करके उन्हें सन्देश दिया कि वे पढ़-लिखकर समाज में एक अच्छे इन्सान बने और कलम की ताकत को समझे तथा एक अच्छे समाज के निर्माण में अपना योगदान दें। इसी प्रकार ‘सर्तकता से सुरक्षा‘ और ‘आओ पुलिस के मददगार‘ आदि अभियानों का अपराध जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने का माध्यम बनाया जा सकता है।

यदि समाज का एक व्यक्ति अपराध का रास्त पकड़ लेता है, तो उसे सुधारने के लिए न जाने कितना सरकारी खर्च व समय बर्बाद होता है। संसार सोच से चलता है। व्यक्ति जैसा सोचता है, वैसा ही बन जाता है। कहते हैं – छोटी सोच और घुटने की मौच मनुष्य को आगे नहीं बढ़ने देती। इस प्रकार युक्तियुक्त रूप से ही अपराध की जड़ को खत्म किया जा सकता है।

पुलिस कमिश्नर द्वारा कोविड-19 से जुड़े सरकारी दिशा-निर्देशों की भी सख्ती से पालना करने के आदेश दिए गए। आंतरिक सूचनाओं के आदान-प्रदान, निर्देश देने व प्रतिक्रिया लेने के लिए ट्विटर के प्रयोग का भी सुझाव दिया गया। हर थाना चैकी या कार्यालय में प्राप्त शिकायतों के निपटारे की एक मानक संचालन प्रक्रिया बनाए जाने पर भी विचार किया गया।

समार्ट सीटी योजना के तहत फरीदाबाद में विभिन्न स्थानों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों पर चर्चा की गई कि इन कैमरों की मदद से यातायात नियमों की उल्लंघना करने वालों, अपराधिक गतिविधियों और अपराध करके भागने वाले अपराधियों की पहचान करने में बड़ी मदद मिल रही है। सुनिश्चित करें कि इन कमरों का सञ्चालन अच्छे से किया जाए।

फरीदाबाद के गिरते भूमिगत जल स्तर की बात करते हुए श्री ओ पी सिंह ने निर्देश दिए कि सर्वप्रथम जो लोग औद्योगिक गतिविधियों के लिए अवैध रूप से पानी का दोहन कर रहे हैं, उन पर कार्यवाही करने का एक साप्ताहिक लक्ष्य रखकर कार्य किया जाए।

इसके अलावा उन्होंने अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए कि पुलिस चैकिंग के दौरान पुलिस अधिकारी पीसीआर, राइडर और नाकों पर तैनाती की समुचित चैकिंग करें तथा उच्च अधिकारी इसके साथ ही नाकों पर तैनात पुलिसकर्मियों का दुख तकलीफ सुने तथा एक उत्तम कर्तव्य पालन के लिए उनका मार्गदर्शन करें।

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