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    Home » क्या ट्रंप लाएगा एसवाईएल का पानी – जयहिन्द

    क्या ट्रंप लाएगा एसवाईएल का पानी – जयहिन्द

    Ajay vermaBy Ajay verma12/08/2025Updated:12/08/2025No Comments2 Mins Read

    टुडे एक्सप्रेस न्यूज़ / रिपोर्ट अजय वर्मा / रोहतक (12 अगस्त) / एसवाईएल (SYL) हरियाणा का बहुत अहम मुद्दा है और SYL को लेकर बुधवार 13 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में तारीख है। इस पर नवीन जयहिन्द ने मुख्यमंत्री नायब सैनी व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से सवाल करते हुए कहा कि क्या आपको तारीख पर नहीं जाना चाहिए। साथ ही सभी विधायकों , किसान नेताओं व पत्रकार साथियों को भी हरियाणा के हक के पानी की आवाज उठानी चाहिए और सवाल करने चाहिए।

    जयहिन्द ने मुख्यमंत्री भगवंत मान व सांसद संजय सिंह का एक वीडियो दिखाया। जिसमें भगवंत मान एसवाईएल के विषय पर पॉजिटिव बात होने की बात कह रहे है और संजय सिंह बीच में कहते है कि फैसला ट्रंप करवाएगा। इस पर जयहिन्द ने सांसद संजय सिंह को गेंडा बताते हुए कहा कि क्या अब यह फैसला करवाने के लिए पंजाब, हरियाणा व भारत में ट्रंप की सरकार बनवानी पड़ेगी। जयहिन्द का कहना है कि जो कुछ भगवंत मान कहते है उसके पीछे दुर्योधन उर्फ अरविंद केजरीवाल है। जो हरियाणा को पानी न देने की बात कह चुके है।

    और जो सुप्रीम कोर्ट के कहने पर दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों में मीटिंग होती है, उन मीटिंग में सीएम सैनी साहब सीएम भगवंत मान के साथ चाय समोसे की मीटिंग करना बंद करें।

    सुप्रीम कोर्ट सन् 2002 में SYL को लेकर हरियाणा के हक में फैसला सुना चुकी है कि हरियाणा में SYL नहर का निर्माण होकर, हरियाणा को उसके हक का SYL का पानी मिलना चाहिए। सन् 2002 में चौटाला की सरकार थी, 2004 में हरियाणा में कांग्रेस से हुड्डा मुख्यमंत्री बने और पंजाब में भी कांग्रेस की सरकार थी व केंद्र में भी को कांग्रेस की ही सरकार थी। आप यह देखिए कि 2002 में फैसला आने के बावजूद भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले को नहीं माना गया व फैसले को रद्द कर दिया गया। पंजाब कांग्रेस कहती थी कि खून बहा देंगे लेकिन पानी नहीं देंगे, हरियाणा कांग्रेस कहती थी कि पानी लेकर रहेंगे।

    2014 में भाजपा की सरकार बनी और आज भी हरियाणा व केंद्र में भाजपा की सरकार है व पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है। 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने दोबारा हरियाणा के हक में फैसला सुनाया, लेकिन इसके बावजूद भी हरियाणा को पानी नहीं मिल रहा है। अगर इसी तरह से सुप्रीम कोर्ट के फैसलों की पालना नहीं की जाएगी तो सुप्रीम कोर्ट को ताला लगा देना चाहिए।

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