इकमो तकनीक से हृदय सर्जरी कर मरीज को दिया नया जीवन

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New life given to the patient by performing heart surgery using ecomo technique

बाइपास रोड स्थित यूनिवर्सल मल्टीपल अस्पताल में आई एक 49 वर्षीय मरीज जिसकी हार्ट की तीनों नसें ब्लाक थीं, हार्ट के मैन चैम्बर में काफी बड़ा छेद था तथा हार्ट के दायां वाल्व खराब था, साथ ही हार्ट की पंपिंग एक्टविटी जो सामान्य व्यक्ति की अमुमन 65 से 70 प्रतिशत होती है लेकिन इस मरीज की मात्र 15 प्रतिशत थी, का फरीदाबाद में पहली बार इकमो तकनीक के जरिये हार्ट की सफल सर्जरी कर नया जीवनदान दिया गया। उक्त जानकारी देते हुए अस्पताल के ह्दय, नस व फेफड़े रोग विशेषज्ञ डा. शैलेष जैन ने बताया कि मोल्डबंद एक्सटेंशन निवासी 49 वर्षीय पुष्पा नामक महिला उनके अस्पताल में सांस फूलने, पूरे शरीर में सूजन व सीने में तेज दर्द की शिकायत होने पर भर्ती हुई थी। जांच करने पर पता चला कि उनके हार्ट की तीनों नसें बंद हैं, मैन चैम्बर में काफी बड़ा छेद था तथा, हार्ट की पंपिंग भी बंद है। मरीज काफी गंभीर हालत में आया था और इस तरह की गंभीर हालत में मरीज के लिए हार्ट ट्रांसप्लांट या जटिलतम हार्ट सर्जरी की जाए। मरीज ने जटिलतम हार्ट सर्जरी को चुना गया। इस जटिलतम सर्जरी करने के लिए नई तकनीक आई है इकमो एक्स्ट्रा कारर्पोयिल मेमबरने ऑक्जिेनेशन (ईसीएमओ)।इस तकनीक के तहत मरीज को 21 दिन तक आर्टिफिशल हार्ट व लंग के ऊपर रख सकते हैं। इस मरीज को इस तकनीक के तहत तीन दिन तक रखा गया और मशीन को धीरे-धीरे हटाया गया। मरीज के तीनों आप्रेशन एक साथ किए गए, जिसमें तीनों नसों को बाइपास किया गया, हार्ट के छेद को बंद किया गया तथा वाल्व को रिपेयर किया गया। अब मरीज पूर्णत स्वस्थ है। इस मौके पर अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. रिति अग्रवाल, फिजिशयन डा. मिश्रा, हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. तनवीर मकबूल, डा. मनीष, डा. सर्वराज पाशा, डा. जहांगीर, डा. सौरभ, डा. जहीर तथा डा. वहीम उपस्थित रहे।

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