एनएसयूआई हरियाणा का सड़क से लेकर न्यायालय तक का संघर्ष लाया रंग, खट्टर-दुष्यंत सरकार से टिकवाए घुटने : कृष्ण अत्री

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Today Express News / Ajay Verma / फरीदाबाद। फाइनल ईयर, री-अपीयर और डिस्टेंड एजुकेशन के छात्रों को बिना परीक्षा लिए पास करने के मामले में सरकार ने एनएसयूआई के सामने घुटने टेक दिए हैं। सरकार ने एनएसयूआई की मांग को मानते हुए आज एक बड़ा फैसला लिया है जिसमें फाइनल ईयर, री-अपीयर और डिस्टेंड एजुकेशन के छात्रों को बिना परीक्षा लिए पास करने का फैसला लिया है। पिछले 1 महीने से एनएसयूआई हरियाणा के पदाधिकारियों ने प्रदेश की सभी यूनिवर्सिटी और कॉलेजो के छात्रों के जनरल प्रोमोशन को लेकर मुहिम छेड़ी हुई थी जिसके परिणामस्वरूप हरियाणा की खट्टर सरकार को एनएसयूआई हरियाणा के पदाधिकारियों की मांग को मानना पड़ा और आज सभी यूनिवर्सिटी और उनसे संबंधित कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों को बिना परीक्षा लिए पास करने के आदेश जारी किये हैं। एनएसयूआई हरियाणा के प्रदेश महासचिव कृष्ण अत्री ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि सरकार ने अपने पिछले आदेशों में नॉन फाइनल ईयर के छात्रों को बिना परीक्षा दिए पास करने का फैसला लिया था जिसमें फाइनल ईयर और री-अपीयर के छात्रों को वंचित रखा गया था। इसको लेकर एनएसयूआई 14 जून से ही फाइनल ईयर और री-अपीयर के छात्रों को बिना परीक्षा पास करने की मांग उठा रही थी। इस मांग को लेकर एनएसयूआई ने प्रत्येक यूनिवर्सिटी के उपकुलपति, शिक्षामंत्री, उपमुख्यमंत्री -मुख्यमंत्री और यहां तक की कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया था और आज उसी संघर्ष के परिणामस्वरूप मांग में सफलता भी मिली है जिसका एनएसयूआई खुले दिल से स्वागत करती है। वहीं कृष्ण अत्री ने कहा कि जब जब छात्र विरोधी सरकार छात्र विरोधी निर्णय लेगी, तब तब एनएसयूआई हरियाणा छात्रों की ढाल बनकर सरकार के खिलाफ संघर्ष करती रहेगी। एनएसयूआई ने हमेशा से ही छात्र हितों की आवाज उठाई है और आगे भी इसी प्रकार से आवाज उठाती रहेगी और सरकार को कोई भी छात्र विरोधी फैसला नहीं लेने दिया जाएगा।

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