FARIDABAD- फेसबुक अकाउंट हैक कर ठगी करने वाले दो शातिर युवक चढ़े साइबर सैल के हत्थे – अब तक कर चुके है करीब 50 लोगो से ठगी !!!

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TODAY EXPRESS NEWS FARIDABAD ( रिपोर्ट अजय वर्मा ) अगर आप भी फेसबुक और वाट्सएप्प पर आने वाले अनचाहे लिंक पर किल्क करते हैं तो अब हो जाईए सावधान। क्योंकि आपके एक किल्क से आपकी आईडी हैक हो सकती है और आप ठगी का भी शिकार हो सकते हैं। इस ठगी का खुलासा फरीदाबाद साइबर सेल ने किया है जिन्होंने ठगी का शिकार हुए पीड़ित की शिकायत मिलने पर कार्यवाही करते हुए नोएडा के दो युवको को हिरासत में लिया है यह युवक पिछले डेढ़ साल में करीब 50 लोगो की फेसबुक आईडी हैक करके उन्हें ठगी का शिकार बना चुके है.

साइबर सेल की गिरफ्त में दिखाई दे रहे यह वही दो युवक है जो किसी की फेसबुक पर लिंक भेजते थे और फिर जब वह लिंक यूजर द्वारा खोला जाता था तो उसका पासवर्ड ठगो की साइट में कैद हो जाता था इसके बाद यह ठग युवक उक्त फेसबुक आईडी का इस्तेमाल करते हुए मुसीबत में फंसे होने के मेसेज डालते थे और आईडी में मौजूद दोस्तों से पैसे की मांग करते थे और पेय टीएम द्वारा पैसा भेजने की रिकवेस्ट करते थे. इस तरह उस फेसबुक से जुड़े कुछ लोग अपने दोस्त को मुसीबत में समझकर पैसे डाल  देते थे. पुलिस के अनुसार  ये ठग पहले तो आपको एक लिंक सेंड करते हैं। आपके उस लिंक पर किल्क करते ही एक वेबसाईट के माध्यम से ठगों के पास आपकी आईडी और पासवर्ड पहुंच जाते हैं। ठग तुरंत आपका आईडी पासवार्ड चेंज कर आपके दोस्तों को परेशानी में होने का मैसेज भेज देते हैं और अपना पेटीएम नंबर दे उसमें कुछ राशी डालने का आग्रह करते हैं। दोस्त आपको मुसिबत में समझ तुरंत राशी ट्रांसफर करा देते हैं। इसी तरह इन ठगों ने करीब 40 से 50 लोगों को अपना शिकार बनाया है। पुलिस ने बताया की विशाल गाँधी नाम के युवक ने फ़रवरी महीने में उनके पास इस तरह की ठगी की शिकायत की थी लेकिन उसी दौरान उनके पास इसी तरह की ठगी के चार मामले सामने आये. इस पर उन्होंने 19 अप्रैल को मुकदमा दर्ज कर इस ठगी में शामिल नोएडा के रहने वाले दो युवको को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया की पिछले डेढ़ साल में यह ठग करीब 50 लोगो को अपनी ठगी का शिकार बना चुके है. पुलिस मामले की तह तक गई तो उसे इस वेबसाईट के बारे में पता चला। आरोपियों ने वेबसाईट पर अपना अकाउंट खोला हुआ है। जिसपर ईनाम जितने से लेकर फेसबुक हैक करने, ईंश्योरेंस पोलिसी जैसे तरह तरह के लिंक बनाने के ऑपशंस मौजूद हैं। जहां से ये लिंक बनाकर भेज देते हैं।

जब इस मामले में आरोपी युवको से बात की गयी तो उन्होंने तोते की तरह सारी कहानी  बयान कर दी की किस प्रकार वह लिंक भेजते थे और उस लिंक को खोलने वाले यूजर की आईडी पासवर्ड उनके पास उनकी साइट पर आ जाता था और फिर वह अपना खेल खेलना शुरू कर देते थे.

 

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