जे.सी. बोस विश्वविद्यालय में दो दिवसीय विज्ञान सम्मेलन-2022 शुरू

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JC Two-day science conference-2022 begins at Bose University

टुडे एक्सप्रेस न्यूज़ | रिपोर्ट अजय वर्मा | फरीदाबाद | फरीदाबाद, 28 अप्रैल – जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद में दो दिवसीय विज्ञान सम्मेलन-2022 शुरू हो गया। सम्मेलन में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर आधारित विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट्स की प्रदर्शनी, समाचार पत्र प्रदर्शनी, लघु फिल्म और प्रमुख हस्तियों के आमंत्रित व्याख्यान जैसी गतिविधियों की एक श्रृंखला आयोजित की जा रही है। यह आयोजन हरियाणा स्टेट काउंसिल फॉर साइंस, इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी द्वारा आजादी का अमृत महोत्सव के उपलक्ष में प्रायोजित किया जा रहा है। सम्मेलन में विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के 500 से अधिक विद्यार्थी हिस्सा ले रहे हैं।

सम्मेलन का उद्घाटन मुख्य अतिथि कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल के पूर्व कुलपति प्रो. बलवंत सिंह राजपूत ने पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता कुलपति प्रो. एस.के. तोमर ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष और निदेशक श्री वीरेंद्र सिंह और विज्ञान प्रसार के वरिष्ठ वैज्ञानिक श्री निमिश कपूर उपस्थित रहे। इस मौके पर कुलसचिव डॉ. एस. के. गर्ग भी मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सोनिया बंसल द्वारा किया जा रहा है।

इस अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. एस.के. तोमर ने कहा कि वे पढ़ाई के प्रति जिज्ञासु बने और प्रश्न पूछने की आदत डाले। उन्होंने कहा कि विज्ञान हमारे दैनिक जीवन में हर जगह है। हमें बस नई चीजों को तलाशने के लिए वैज्ञानिक सोच रखने की जरूरत है। हमारी परंपराओं और रीति-रिवाजों के पीछे भी बहुत सारा विज्ञान है जिसे तलाशने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वही देश विकसित और समृद्ध बनता है जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी में निवेश करता है। कुलपति ने विद्यार्थियों को अपनी जड़ों से जुड़े रहने और अपने बड़ों का सम्मान करने का आह्वान किया।
अपने संबोधन में प्रो. बी.एस. राजपूत ने क्वांटम फील्ड थ्योरी के लिए प्रसिद्ध वैज्ञानिक पॉल डिराक से जुड़ी अपने जीवन की घटनाओं को साझा किया। उन्होंने मौलिक विज्ञान के महत्व को समझाते हुए कहा कि देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मौलिक शोध को बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अच्छे दिमाग वाले इंजीनियर या टेक्नोक्रेट बन सकते हैं लेकिन प्रतिभाशाली दिमाग वालों का विज्ञान में होना जरूरी है। उन्होंने छात्रों को विज्ञान में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री वीरेंद्र सिंह ने कहा कि भारतीय ज्ञान-विज्ञान परंपरा समृद्ध रही है और हमें अपने पूर्वजों की वैज्ञानिक उपलब्धियों पर गर्व करना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को देश की संस्कृति और ज्ञान प्रणाली को और समृद्ध बनाने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने विज्ञान सम्मेलन आयोजित करने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा की गई पहल की सराहना की। सत्र के अंत में कुलसचिव डॉ. एस.के. गर्ग ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

इससे पूर्व कार्यक्रम की संयोजक डॉ सोनिया बंसल ने अतिथि का स्वागत किया और दो दिवसीय कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य छात्रों में विज्ञान को बढ़ावा देना और लोकप्रिय बनाना है।

विज्ञान सम्मेलन के दौरान प्रदर्शनी आकर्षण का प्रमुख केन्द्र रही, जहां 20 से अधिक स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों की टीमों द्वारा लगभग 75 परियोजनाओं को प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शन में स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्वदेशी भारत, ग्राम भारत, अभिनव भारत, मेक इन इंडिया, हरित भारत, स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत, सुरक्षित भारत, स्मार्ट भारत और शिक्षित भारत विषय पर विज्ञान और प्रौद्योगिकी आधारित विद्यार्थियों की नवीन परियोजनाओं को प्रदर्शित किया गया हैं।
प्रदर्शनी के पहले दिन संचार और मीडिया प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा प्रदर्शित राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय समाचार पत्रों ने सभी का ध्यान खींचा और सभी ने इसकी सराहना की। प्रदर्शनी में अमेरिका, जापान, चीन और नेपाल जैसे 15 देशों के प्रसिद्ध समाचार पत्रों को प्रदर्शित किया गया। साथ ही, देश के 22 राज्यों एवं दो केंद्र शासित प्रदेशों के 400 से अधिक समाचार पत्रों को रखा गया है। इन समाचार पत्रों में जापान में हिरोशिमा और नागासाकी की परमाणु बमबारी, भारतीय स्वतंत्रता, महात्मा गांधी, इंदिरा गांधी एवं जेएफ कैनेडी की हत्या जैसी प्रमुख घटनाओं तथा देश का पहला और एकमात्र संस्कृत समाचार पत्र संस्कृत सुधर्मा का संस्करण भी शामिल है। सम्मेलन के दौरान, सम्मेलन के थीम पर आधारित 28 शाॅर्ट फिल्म भी प्रदर्शित की गईं। समाचार पत्र प्रदर्शनी और शाॅर्ट फिल्म प्रदर्शन गतिविधियों का संचालन विभाग के अध्यक्ष डॉ पवन सिंह मलिक की देखरेख में किया गया। बाद में, कुलपति प्रो. तोमर और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा विद्यार्थियों के इनोवेटिव प्रोजेक्ट तथा समाचार पत्र प्रदर्शनी की सराहना की।

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