वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से आपराधिक घटनाओं से प्रताड़ित महिलाओं की मदद की जायेगी : उपायुक्त यशपाल यादव  

0
879
FILE PHOTO

TODAY EXPRESS NEWS / REPORT / AJAY VERMA / फरीदाबाद, 23 जनवरी। उपायुक्त यशपाल ने कहा कि वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से उन महिलाओं को मदद उपलब्ध करवाई जाएगी जो किसी प्रकार के अन्याय, हिंसा, बाल विवाह या अन्य आपराधिक घटनाओं से प्रताड़ित हैं। इन सेंटरों पर पीडित महिलाओं को एक ही स्थान पर उनकी जरूरत के हिसाब से मदद उपलब्ध करवाई जाती हैं। उपायुक्त ने वीरवार को लघु सचिवालय के बैठक कक्ष में वन स्टॉप सेंटर, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, महिला सुरक्षा व घरेलू हिंसा के संबंध में किए जा रहे उपायों की समीक्षा के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा तथा घरेलू हिंसा पर रोक लगाने की दिशा में बनाई गई योजनाओं को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया जाए। इसके लिए सभी विभागों के अधिकारी व कर्मचारी आपसी तालमेल के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि जिस विभाग को जो भी जिम्मेदारी है, उसे वे पूरी निष्ठा साथ सहयोग निर्धारित समय पर अवश्य करें। उपायुक्त ने बताया कि जिला में इस समय वन स्टॉप सेंटर एनआईटी-3 कल्याणपुरी में चल रहा है। उन्होंने बताया कि वन स्टॉप सेंटर पर जो भी केस आए हैं, जिन पर कार्रवाई करते हुए महिलाओं को मदद प्रदान की जा रही है। उपायुक्त यशपाल ने कहा कि जिला में दो या इससे अधिक बेटियों की माताओं के लिए वुमन फेस्टिवल का आयोजन करवाया जाए, जिसमें महिलाओं को महिला विषय पर आधारित फिल्में दिखाई जाए। इसमें एक दिन कॉलेज की छात्राओं के लिए भी रखा जाए। उन्होंने गांवों में चलाए जा रहे बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, बेटी उत्सव व अन्य कार्यक्रमों की भी समीक्षा की और इनके क्रियान्वयन के संबंध में सम्बंधित विभागों के अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उपायुक्त ने लिंग संवेदनशीलता व पोक्सो एक्ट के संबंध में स्पेशल कार्यशालाएं आयोजित करवाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी से सभी स्कूलों में यौन उत्पीड़न कमेटियों के गठन की प्रगति की भी जानकारी ली। बैठक में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की समीक्षा के दौरान लिंग अनुपात में कमजोर स्थिति के गांवों और शहरी क्षेत्र में चिन्हित करके वहां पर गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण करके उन्हें स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों के उन महिलाओं को स्वास्थ्य सम्बन्धी दवाओं तथा परामर्श अवश्य दिलवाना सुनिश्चित करें, ताकि वे कुपोषण से बची रहे। आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधाएं उपलब्ध करवाना भी सुनिश्चित करें। बैठक में एसडीएम फरीदाबाद अमित कुमार, डीसीपी डॉ अंशुल सिंगला, डीडीपीओ राकेश कुमार, जिला सांख्यिकी अधिकारी जेएस मलिक, एलडीएम अलभ्य मिश्रा, एसएमओ डॉ रमेश, महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी मंजू शर्मा, सीएमजीजीए अतुल सहगल, जिला समाज कल्याण अधिकारी सुशीला देवी व अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे।

LEAVE A REPLY