बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी के लिए 6 उपयोगी तरीके

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Today Express News / Report / Ajay Verma / बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी करना कोई आसान काम नहीं है। आखिर इसके लिए सिलेबस पूरा करने में महीनों का समय लग जाता है, फिर इसके बाद अंतिम के कुछ हफ्तों के लिए रिवीजन की योजना भी तैयार करनी पड़ती है। इन तनाव भरे आखिरी सप्ताहों में छात्र पूरा सिलेबस कवर करने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं। वे इस समस्या से भी चिंतित हो जाते हैं कि आखिर कौन सा स्टडी मटीरियल बेहतर होगा और किस टॉपिक पर ज्यादा फोकस करना है। ऐसे समय में छात्र और अभिभावक दोनों को संघर्ष करना पड़ता है, क्योंकि पर्याप्त नीदं भी नहीं मिल पाती है। कई अभिभावक तो परीक्षाओं के तनाव को कम करने के लिए काउंसलर की सलाह भी लेते हैं।

 नीचे कुछ ऐसे उपयोगी तरीके दिए गए हैं, जिनकी मदद से छात्र बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर सकते हैं।

·         इलस्ट्रेशन और टेबल बनाना: इलस्ट्रेशन और टेबल बनाने से छात्रों को जानकारी को व्यवस्थित करने में मदद मिलती है। माइंड मैप, फ्लो चार्ट, टेबल आदि से जटिल जानकारियों को याद रखने में मदद मिलती है और भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में भी इससे मदद मिलेगी।

·         पढ़ाई की योजना तैयार करें: छात्र द्वारा पढ़ाई की दिनभर की योजना ऐसी होनी चाहिए कि वह ज्यादा से ज्यादा जानकारी याद रख सके। पूरा दिन एक ही विषय या टॉपिक में लगाने की बजाय दिन को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटते हुए अलग-अलग विषय को सीमित समय देना चाहिए, ताकि ज्यादा से ज्यादा टॉपिक कवर किए जा सकें।

·         प्रयोग से पढ़ाई: साइंस किट में प्रयोग गतिविधियों के लिए में लैब इक्विपमेंट, मटीरियल, दिशानिर्देश सूची शामिल होती है। यह छात्रों की सोचने की क्षमता और प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल को बेहतर बनाते हैं और प्रैक्टिकल एग्ज़ाम की तैयारियों में सहायक हो सकते हैं।

·         कमजोर पक्ष की पहचान करना: किसी भी छात्र के लिए यह जरूरी है कि वह ऐसे टॉपिक या विषय की सूची बनाए, जिसमें वह कमजोर है और दिन का एक निश्चित समय ऐसे टॉपिक या विषय के लिए निर्धारित करे। एडाप्टिव असेसमेंट के माध्यम से छात्रों को अपनी जानकारी को परखने में मदद मिलेगी। इसकी मदद से वे प्रत्येक प्रश्न में दिए गए उत्तर के आधार पर अपनी जानकारी का ग्राफिकल रिप्रेजेंटेशन देख सकेंगे और आसानी से एनालिसिस कर सकेंगे।

·         पुराने प्रश्नपत्रों का अभ्यास करना: पिछले वर्ष के प्रश्नपत्रों का अभ्यास करने से छात्रों को टाइम मैनेजमेंट स्किल बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही वे एग्ज़ाम फॉर्मेट व किस प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं इसको भी बेहतर तरीके से समझ पाएंगे। अभिभावक भी छात्रों के लिए मॉक टेस्ट आयोजित कर सुनिश्चित कर सकते हैं कि वे समय पर एग्जाम पूरा करें।

·         स्टडी ग्रुप: लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से छात्र अपने दोस्तों के साथ ऑनलाइन लर्निंग ग्रुप बना सकते हैं या फिर स्कूल छात्रों को तैयारी करने में मदद कर सकते हैं। जब छात्र ग्रुप में स्टडी करते हैं, तो उनकी किसी विषय या टॉपिक पर समझ गहरी होती है और वे चर्चा कर अपने संदेह दूर सकते हैं।  यह याद रखना आवश्यक है कि प्रत्येक छात्र का तैयारी करने का अपना तरीका होता है। छात्र ऊपर दी गई टिप्स को तैयारी करने के अपने तरीकों के साथ शामिल कर सकते हैं।

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