Today Express News / Report / Ajay verma / मिदनापुर, फरवरी 25, 2020। जिलेभर के शिक्षण संस्थाअेंा को तंबाकूमुक्त बनाने के लिए नेशनल सर्विस स्कीम (एनएसएस) के स्वंयसेवकों ने मुहिम चलाने का निर्णय लिया है। इसके लिए विद्यासागर यूनिवर्सिटी का नेशनल सर्विस स्कीम (एनएसएस) सेल ने नारायण सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, हावड़ा और संबंध हेल्थ फाउंडेशन ( एसएचएफ) के साथ मिलकर 25 फरवरी को तंबाकू नियंत्रण वर्कशॉप का आयोजन किया। इस कार्यशाला का आयोजन विश्वविद्यालय के सभागार, मिदनापुर में किया गया। कार्यशाला के दौरान संबंध हेल्थ फाउंडेशन ( एसएचएफ) ने प्लेज फॉर लाइफ – तंबाकू मुक्त युवा अभियान ’के लिए तकनीकी सहायता प्रदान की। यह शैक्षणिक वर्ष 2019-2020 के लिए एनएसएस गतिविधियों के लिए बनाई गई एक कार्य योजना का हिस्सा था, जिसमें तंबाकू मुक्त शपथ, एनएसएस ग्रामीण शिविर, पोस्टर प्रतियोगिता, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता और विभिन्न तंबाकू विरोधी गतिविधियां शामिल थीं। कार्यशाला के दौरान, सबसे अच्छा तंबाकू विरोधी पोस्टर बनाने वाली एनएसएस इकाइयों द्वारा को पुरस्कृत किया गया। विश्वविद्यालय सभागार में आयोजित इस कार्यशाला में, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारियों और छात्रों ने तंबाकू से खुद को दूर करने और दूसरों को इस घातक लत से दूर रहने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए तंबाकू विरोधी प्रतिज्ञा ली। उन्हें तंबाकू के दुष्प्रभाव, कैंसर की रोकथाम, तम्बाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थानों और तंबाकू नियंत्रण कानूनों के बारे में जागरूक किया गया। कार्यशाला को संबंधित करते हुए नारायण सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, हावड़ा के, ऑन्कोलॉजिस्ट और वीओटीवी के संरक्षक डॉ. अरिजीत सेन ने कहा, “अब कैंसर का पता बहुत कम उम्र में चल रहा है और इसका एक कारण तंबाकू उत्पादों का व्यापक उपयोगध् सेवन है। यदि कोई व्यक्ति अपने जीवन में तंबाकू का उपयोग करता है, तो उसे अपने जीवन भर इस लत को छोड़ने की संभावना कम होती है और उसे जीवन भर जारी रखने की आशंका बनी होती है। चूँकि, तम्बाकू की लत छोड़ने की दर बहुत कम है, इसलिए युवाओं के बीच तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता पैदा कर इसके उपयोग/ सेवन को कम करने के लिए अधिक से अधिक प्रयास करने चाहिए। रोकथाम से तम्बाकू मुक्त समाज के लिए सर्वोत्तम परिणाम मिलेंगे। ” ‘ प्लेज फॉर लाइफ – तंबाकू मुक्त युवा अभियान ’भारत के माननीय राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद द्वारा प्रेरित है और केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्रालय द्वारा समर्थित है। यह अभियान युवाओं को तंबाकू का उपयोग करने से रोकने और अन्य लोगों को भी ऐसा करने से रोकने के लिए निवारक रणनीतियों पर केंद्रित है। यह अभियान वर्तमान में असम, आंध्र प्रदेश, दिल्ली, झारखंड, महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में चलाया जा रहा है। पश्चिम बंगाल एनएसएस क्षेत्रीय निदेशालय और पश्चिम बंगाल राज्य एनएसस सेल नारायण सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, हावड़ा, संबंध हेल्थ फाउंडेशन के सहयोग से पश्चिम बंगाल में इस अभियान की शुरुआत कर रहे हैं। विद्यासागर विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. रंजन चक्रवर्ती ने कहा, “यह हमारी युवा पीढ़ियों को तंबाकू के खतरे से बचाने के सामाजिक कारणों में से एक बेहतरीन पहल है। युवाओं को तंबाकू विरोधी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए और ये प्रयास समाज में एक सकारात्मक सामाजिक व्यवहार में ध् आचरणीय परिवर्तन लाएंगे। अगर तंबाकू सेवन की पेशकश की जाती है तो छात्रों को तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों को श्नश् कहने में गर्व महसूस करना चाहिए। संबंध के वरिष्ठ परियोजना प्रबंधक सोमिल रस्तोगी ने कहा, “पश्चिम बंगाल में 2.28 करोड़ से अधिक लोग तंबाकू – धूम्रपान और चबाने वाले तंबाकू का उपयोग करते हैं। तम्बाकू के कारण होने वाली बीमारियों के कारण प्रति वर्ष 1,53,000 से अधिक उपयोगकर्ता की मौत हो जाती हैं। प्रतिदिन 430 से अधिक बच्चों को तम्बाकू का उपयोग शुरू करते हैं। रोकथाम पर ध्यान केंद्रित ऐसे अभियान, सामाजिक सुधार लाते हैं। एनएसएस ने समाज कल्याण में चमत्कार किया है। अब वे प्लेज फॉर लाइफ-टोबैको फ्री यूथ मुहिम के जरिये समुदाय में इस बदलाव को लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ” कार्यशाला में 152 एनएसएस इकाइयों के अधिकारियों और छात्र स्वयंसेवकों ने भाग लिया। कार्यशाला के आयोजन में विश्वविद्यालय के एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक तपन कुमार डे ने भी मदद की।
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.
© 2026 ThemeSphere. Designed by CSG.
