भविष्य इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) का होगा, कैसे?

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Today Express News | कुछ समय से ऑटोमोबाइल्स को संचालित करने के लिए बिजली का उपयोग करने का कॉन्‍सेप्‍ट काफी चर्चा में है। लेकिन इन ऑटोमोबाइल्स के उत्पादन और कार्यान्वयन की वृद्धि बेहद धीरे-धीरे हो रही थी। लगभग दो दशक पहले कुछ चुनिंदा हाइब्रिड वाहन अस्तित्व में आये पर शायद हो सकता है कि वे परम्परागत वाहनों के यूजर्स के लिए पहली पसंद नहीं होते, इसलिए उन लोगों ने आज के ऑल-इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन को प्रेरित किया। और वर्तमान में वे अपने पूर्ववर्ती हाइब्रिड वाहनों की अपेक्षा ज्यादा तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। संसाधनों और अनुसंधानों के ईवी के प्रति समर्पित होने के कारण, देश में उनका भविष्य उज्जवल प्रतीत होता है। इस उज्जवल भविष्य के कई कारण है। आइये, उन पर नजर डालते हैं :

1. पर्यावरण सम्बन्धी प्रभाव
आज के ईवी से टेलपाइप उत्सर्जन बिलकुल नहीं होता। उन्हें जीवाश्म ईंधन जलाने की भी ज़रुरत नहीं होती है और ना ही वे कोई धुआँ छोड़ते हैं। इस प्रकार, इन वाहनों के प्रयोग से जलवायु परिवर्तन में बड़ी भूमिका निभाने वाली ग्रीनहाउस गैसों में वृद्धि नहीं होती है। पर्यावरण संबंधी फायदों के अलावा, ईवी के असाधारण गुण के कारण वायु की गुणवत्ता ज्यादा स्वच्छ रहती है, और सार्वजनिक स्वास्थ्य को लाभ होता है।

2. किफायती
हालाँकि ईवी की कीमत सामान्य पेट्रोल या डीजल-चालित वाहन से थोड़ा ज्यादा हो सकती है, लेकिन इसे ईंधन की ज़रुरत नहीं होती है। साथ ही, ईंधन की बढ़ती कीमतों के सामने, इस अतिरिक्त खर्च की ज़रुरत नहीं होने से काफी बचत होती है और इस प्रकार लम्बे समय में ईवी वित्तीय रूप से व्यवहार्य विकल्प है। इसके अलावा, चूंकि ईवी में जटिल यांत्रिकी नहीं होती है, इसलिए उनके मेंटेनेंस की कम ज़रुरत होती है और इस प्रकार उनकी रनिंग लागत भी कम हो जाती है। इससे आपको अपने सपनों का ईवी रखने में आसानी होती है, जो आसानी से उपलब्ध हैं।

3. शोर रहित
चूँकि ईवी में कम्पन उत्पन्न करने वाली आतंरिक दहन इंजन नहीं होती है, इसलिए वे कम शोर करते हैं। इस टेक्नोलॉजी की बदौलत ध्वनि प्रदूषण में और ज्यादा कमी आती है। ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने से इससे जुड़े तनाव और चिंता में काफी कमी होती है। साथ ही सवारी का अनुभव ज्यादा आनंददायक हो जाता है।

4. कॉम्‍पैक्‍ट
टू-व्हीलर की बात करें तो जटिल मशीनरी के अभाव के कारण ईवी हल्का और कॉम्‍पैक्‍ट होता है। इससे इसे पार्क करना और कम स्थान में घुमाना-फिराना आसान होता है। सामान्य बाइक्‍स में लगी अतिरिक्त पुर्जों की कमी होने से भी ईवी का स्टोरेज स्पेस ज्यादा बड़ा होता है।

अपनी डिजाईन, वित्तीय व्यवहार्यता, और पर्यावरण-हितैषी प्रकृति के साथ ईवी एक ऐसे भविष्य की दिशा में अग्रसर है, जो न केवल उज्जवल है बल्कि हरा-भरा भी है, और इसके केंद्र में पृथ्वी की भलाई है। हालांकि, इसकी बिजली के स्रोत के बारे में चिन्ताएं हैं, चाहे कोयला-ईंधन हो या अन्यथा, इसके दीर्घकालीन उपयोग से हानिकारक उत्सर्जनों में भारी कमी होगी। उपक्रमों के द्वारा वारंटी के विस्तार के प्रस्तावों और प्रभावकारी बाई-बैक नीतियों के कारण अधिकतर लोग ईवी में निवेश करने में फ़ायदा देख रहे हैं। और चूँकि ज्यादा से ज्यादा लोगों ने इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाना शुरू कर दिया है, देश भर में ईवी चार्जिंग इकाइयों की संख्या भी बढ़ रही है। इस प्रकार ज्यादा चार्ज करने की ज़रुरत के बगैर लम्बी दूरी का सफ़र आसान हो जाएगा। असल में, कुछ इलेक्ट्रिक वाहन अपनी खुद की चार्जिंग यूनिट के साथ आते हैं, जिसे घर में ही लगाया जा सकता है। यह कहने की जरूरत नहीं कि ईवी जिस आसानी के साथ उपलब्ध हैं, आने वाले दिनों में ये निश्चित ही यातायात का अभिन्न हिस्सा होंगे। Rajashree Nambiar, Co-founder & CEO, Ecofy

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